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पहले बरतते एहतियात तो बच जाती तीन जान

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सेक्टर-23 स्थित टीडीआई सिटी में एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) के परिसर में 20 फीट गहरे सीवरेज टैंक में फंसकर मौत के मुंह में समाए तीनों मृतकों को निकालने के लिए विशेष कर्मियों को बुलाया गया। सीवरेज टैंक की सफाई करने वाले विशेष कर्मी गांव उझा निवासी विक्की और उनकी टीम को कॉल किया गया। यहां तक कि टीडीआई मैनेजमेंट के कर्मचारी उसे लेने के लिए उसके घर तक पहुंच गए। उसे अपने साथ एसटीपी प्लांट परिसर लेकर पहुंचे। ऐसे में लोगों का कहना था कि अगर शुरू में ही प्रबंधन की ओर से एहतियात बरता जाता तो तीन लोगों की जान नहीं जाती।
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सीवरेज टैंक में एक के बाद एक तीन लोगों के जाने और फिर वापस नहीं आने के बाद हरकत में आए टीडीआई प्रबंधन ने सीवरेज टैंक की सफाई करने वाले विशेष कर्मी गांव उझा निवासी विक्की को बुलाया। विक्की ने नीचे उतरने से पहले सुरक्षा किट मंगवाई और किट पहनने के बाद उन्होंने अपने शरीर पर रस्सा लपेटा। जिसके बाद वह टैंक में नीचे उतरा और एक के बाद एक तीनों को बाहर निकाला गया। विक्की ने बताया कि वह सेक्टर 25 पार्ट-2 में सीवरेज की सफाई करने का काम करता है। उसे इसमें अच्छा अनुभव हो चुका है। विक्की ने बताया कि अंदर बहुत जहरीली गैस बनी हुई है, जिस वजह से दम घुटने से मौत हुई है। विक्की का कहना है कि सिविल इंजीनियर समेत तीनों में से किसी को भी सुरक्षा किट या शरीर पर रस्सी नहीं बांधी गई थी, जिस वजह अंदर जाने के बाद तीनों का संपर्क टूटता गया और वह बाहर खड़े लोगों से संपर्क नहीं कर सके।
मिस्त्री के पास लगे मजदूर को जबरदस्ती भेजा था अंदर
परिजनों का आरोप है कि जाहिद चिनाई ठेकेदार राम मूर्ति के पास मजदूरी का काम करता था। उसे जबरदस्ती सीवरेज टैंक के अंदर सफाई करने के लिए उतारा गया, जबकि इसके लिए अलग से नियमों को ध्यान में रखकर सफाई कर्मचारी को अंदर उतारा जाता है।
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...और लोग बोल-सुमित को खींच लाई मौत
केतन कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक केतन ने बताया कि उन्होंने टीडीआई में बाउंड्री वॉल का ठेका लिया हुआ है। जिसका टीडीआई में काम चल रहा है। सिविल इंजीनियर सुमित मिटान उसी के पास काम करता था। दोपहर करीब दो बजे वह काम कर रहे थे। इसी बीच एक मजदूर सुमित आया और सीवरेज टैंक का ढक्कन खुलवाने में मदद करने की बात कही। जिसके बाद सुमित चला गया। काफी देर बाद सुमित नहीं लौटा तो वह टैंक के पास गया, जहां पर सुमित समेत तीन लोगों के अंदर फंसने की सूचना मिली। केतन का कहना है कि सुमित का सीवरेज टैंक से कोई लेना देना ही नहीं था। स्थानीय लोगों की जुबां पर एक ही शब्द था कि सुमित को मौत अपनी तरफ खींच ले गई।
अगले माह होनी थी शादी, चल रही थी तैयारियां
ताऊ के लड़के रविंद्र ने बताया कि सुमित मिटान ने पानीपत इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नॉलॉजी (पाइट) कॉलेज से 2017 में इंजीनियरिंग की परीक्षा पास की थी। दो साल घर रहने के बाद 2019 में वह ठेकेदार के पास काम करने लगा। कुछ महीनों से ही सुमित ने केतन कंस्ट्रक्शन कंपनी के तहत टीडीआई में काम करना शुरू किया था। सुमित से छोटी बहन राखी और सबसे छोटा भाई शिवम है। सुमित का रिश्ता तय हो चुका था, अगले माह शादी थी, जिसकी तैयारियों में परिवार लगा हुआ था।
नौ बहन भाइयों में सबसे छोटा था जाहिद, सूचना मिलते ही दौड़े परिजन-
मृतक जाहिद के बड़े भाई सद्दाम ने बताया कि वह मूलरूप से यूपी के जिला अमरोहा के गांव तलबड़ा के रहने वाले हैं। पिछले कई सालों से एल्डिको में झुग्गी डालकर रह रहे हैं। जाहिद नौ बहन भाइयों में सबसे छोटा था। जाहिद से बड़े भाई इमरान, इरसाद, वह, शाहिद हैं, वहीं बड़ी बहनों में अफरोज, साहाना, समा और मामिना है। जाहिद दो माह से राममूर्ति ठेकेदार के पास काम करने के लिए जाता था। वह शुक्रवार को सुबह आठ बजे घर से निकला था। दोपहर करीब तीन बजे उन्हें हादसे की सूचना दी गई।
कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक और टीडीआई के मैनेजर के खिलाफ दी शिकायत
सिविल इंजीनियर सुमित के चाचा कृष्ण कुमार ने थाना चांदनीबाग में दी शिकायत में दी है। उन्होंने बताया कि सुमित शुक्रवार की सुबह आठ बजे घर से निकला था। टीडीआई के मैनेजर संजीव गुप्ता भतीजे सुमित और मजदूर जाहिद को सीवरेज टैंक की सफाई के लिए लेकर गए थे। उनकी लापरवाही से मौत हुई है। उन्होंने केसीसी कंपनी के मालिक राजबीर चहल और मैनेजर संजीव गुप्ता के खिलाफ शिकायत दी है।
परिजनों ने केसीसी कंपनी के मालिक और टीडीआई के मैनेजर पर लापरवाही का आरोप लगाया है। रिपोर्ट दर्ज कर आगामी कार्रवाई की जाएगी। शनिवार को तीनों के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
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- इंस्पेक्टर मंजीत सिंह, चांदनीबाग थाना प्रभारी
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