पानीपत। ट्रैवल एजेंसी संचालक और उसके स्टाफ से हथियार के बल पर वसूली करने के मामले में फरार चल रहे तीन और आरोपियों को सीआईए-2 को काबू किया है। आरोपियों के कब्जे से वसूली गई 3500 रुपये बरामद किए गए। उन्हें न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। इस मामले में एक आरोपी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इनसे पूछताछ में सामने आया कि ऐश करने के लिए वसूली अंजाम देते थे।
सीआईए-2 प्रभारी इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह ने बताया कि तीनों आरोपियों को शनिवार की शाम गांव छाजपुर के पास अड्डे से काबू किया। आरोपियों की पहचान गांव खोतपुरा निवासी पवन उर्फ खुंडिया, उग्राखेड़ी निवासी सूरजभान उर्फ भानू और करनाल के कोहंड निवासी बिजेंद्र के रूप में हुई। आरोपी वारदात के बाद से ही अपने अलग-अलग ठिकानों पर छिपकर रह रहे थे।
आरोपियों का पहले का आपराधिक रिकॉर्ड मिला है। उन पर लड़ाई-झगड़े की वारदात के कई मुकदमे दर्ज है। उन्होंने पुलिस पूछताछ में बताया कि शौक के लिए दीपक उर्फ दीपू और अन्य के साथ मिलकर वसूली की वारदात करते थे। इस मामले में दीपक उर्फ दीपू निवासी गीता कॉलोनी नूरवाला पानीपत को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
बुलंदशहर के गैंगस्टर महबूब की धरपकड़ में जुटी पुलिस
यूपी के मेरठ निवासी शहनवाज ने 24 दिसंबर को शिकायत दे बताया था कि पानीपत में संजय चौक के पास साहिल ट्रैवल्स के नाम से उसकी ऑफिस है। पानीपत में करीब 10 से 12 बस चलती है। उनसे जबरन वसूली की जा रही है। बरसत रोड पर उनकी एक बस से दीपू, मनोज और यूपी के कुख्यात गैंगस्टर महबूब, सलीम और इनके गिरोह के आठ सदस्यों ने बस स्टाफ के साथ मारपीट की और लूटपाट की। पुलिस महबूब की धरपकड़ में जुटी है।