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Panipat News: निगम ने संजय पार्क का दो बार टेंडर लगाया, दीवार एक बार भी नहीं बनी, हवा के झाेंके में गिरी

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पानीपत। भ्रष्टाचार के लिए चर्चित हो चुके नगर निगम अधिकारियों की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। वार्ड-15 के सबसे बड़े पार्क संजय पार्क की मेंटेनेंस का दो बार टेंडर लगाया, लेकिन एक बार भी दीवार नहीं बनाई। अब दूसरी बार के टेंडर में दीवार की मेंटेनेंस को शामिल किया तो ठेकेदार ने उद्घाटन के आठ महीने बाद भी काम शुरू नहीं किया। नतीजा यह रहा कि बुधवार देर शाम पार्क की दीवार का बड़ा हिस्सा हवा के झोंके से गिर गया। गनीमत रही कि उस समय कोई पार्क में दीवार के साथ नहीं था। पार्षद पति ने निगम अधिकारियों व ठेकेदार पर इसका ठिकरा फोड़ा है।
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शहर के किशनपुरा में संजय पार्क 1984 में बना था। यह करीब डेढ़ एकड़ में है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पार्क में किशनपुरा क्षेत्र के लोग सुबह व शाम को सैर करने आते हैं। लोगों ने पार्षद के सामने पार्क में सुधार कराने की मांग रखी थी। तब 2019-20 में पार्क में पांच लाख रुपये का टेंडर लगा था। इसमें ओपन जिम, टावर लाइट और व्हाइट वॉश कराया गया था। पार्क की दीवार की मरम्मत नहीं की गई जबकि इसकी जरूरत थी। बुधवार शाम को हवा के हल्के झौके साथ दीवार का बड़ा हिस्सा पार्क की तरफ ढह गया। यह दीवार सुबह या शाम को गिरती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
पार्षद पति अशोक छाबड़ा ने बताया कि पार्क के रिपेयर व मेंटेनेंस, टावर लाइट लगाने और गेट मरम्मत का कार्य किया जाना है। इसका करीब 15 लाख रुपये का टेंडर लगाया था। नगर निगम ने करीब आठ महीने पहले वर्क ऑर्डर जारी कर दिया था। वह ठेकेदार को लगातार फोन कर रहा है, लेकिन आज तक काम शुरू नहीं किया है। उसने शक होने पर नगर निगम से पार्क से संबंधित पेमेंट की डिटेल भी निकलवाई। फिलहाल पार्क की कोई पेमेंट नहीं जारी की है। उसने अधिकारियों को दीवार गिरने संबंधित फोटो भेजकर निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की है। नगर निगम के एमई वीरेंद्र मलिक ने बताया कि पार्क की दीवार गिरने की जानकारी मिली है। इसको जल्द ही रिपेयर कराया जाएगा।
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पार्षद पति अशोक छाबड़ा ने बताया कि रेलवे लाइन के साथ एक अन्य पार्क बनाया गया था। इसमें वर्क ऑर्डर अनुसार काम नहीं किया। उसने 2018 में इसकी आवाज उठाई थी, लेकिन निगम ने कोई ठोस कार्रवाई ठेकेदार के खिलाफ नहीं की। इसका अब रेलवे के साथ एमओयू भी खत्म हो गया है।
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