पानीपत। जिला परिषद के सदस्य और विभिन्न विभागों के अधिकारी सरकारी योजनाओं व जनसमस्याओं के समाधान को लेकर एक छत के नीचे बैठे। पार्षदों ने सरकारी स्कूलों में टॉयलेट की स्थिति और बस ठहराव समेत कई समस्याओं को अधिवेशन के पहले दिन प्रमुखता से उठाया। कई पार्षदों ने सामने आकर कहा कि स्कूलों में टॉयलेट न होने से बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है।
बृहस्पतिवार को दो दिवसीय अधिवेशन जिला सचिवालय के द्वितीय तल स्थित हाॅल में शुरू किया गया। इसकी अध्यक्षता जिला परिषद की चेयरमैन ज्योति शर्मा ने की। अधिवेशन के पहले दिन शिक्षा, स्वास्थ्य, आंगनबाड़ी, मार्केटिंग बोर्ड, कृषि, और पशुपालन विभागों के अलावा कई अन्य विभागों की योजनाओं के बारे में अधिकारियों ने पार्षदों को जानकारी दी। पार्षदों ने जनसमस्याएं रखकर समाधान की मांग की। इसके बाद जिला परिषद की बैठक 13 जून को करने का फैसला लिया। जिला परिषद के सीईओ विवेक चौधरी ने कहा कि सरकारी योजनाओं की हर सदस्य को जानकारी होनी चाहिए। वे इन सबके चलते लोगों को योजनाओं का लाभ दिलवाने में मददगार साबित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि अधिवेशन दो दिन तक चलेगा। इसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी संबंधित विभाग की योजनाओं की जानकारी दे रहे हैं।
शिक्षा विभाग की डिप्टी डीईओ रचना ने स्कूलों की वर्तमान स्थिति और जीएम रोडवेज ने कुलदीप जांगड़ा ने परिवहन विभाग की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जिले में 29 स्थानों पर आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए क्यू शेल्टर बनाए गए हैं। 27 गांवों में क्यू शेल्टर बनाने के प्रस्ताव मिले हैं। पार्षदों ने सौदापुर व नौल्था में रोडवेज की बसों के ठहराव की मांग रखी। जीएम ने इसके लिए भरोसा दिया। पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. संजय आंतिल ने डेयरी, वन विभाग के रेंजर ऑफिसर जयकिशन ने सीजन में पौधे लगाने और कृषि विभाग के एसडीओ देवेंद्र ने कृषि से संबंधित सरकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला। एमएसएमई के सहायक निदेशक कपिल मित्तल ने योजनाओं और सब्सिडी के बारे में जानकारी दी। मौके पर जिला परिषद के लेखाकार संजीव दहिया व वाइस चेयरमैन आर्य सुरेश मलिक मौजूद रहे।