समालखा। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के अधिकारियों ने बिना अनुमति के 24 मई को रेलवे रोड को नाला निर्माण के लिए उखाड़ना शुरू कर दिया। लाखों रुपये की मिट्टी खुर्द-बुर्द कर दी गई। जब इसके खिलाफ समालखा बचाओ संघर्ष मोर्चा ने आवाज उठाई तो एनएचएआई ने दो जून को पीडब्ल्यूडी को आवेदन देकर इसकी अनुमति मांगी। उधर नगर पालिका सचिव ने एक जून को ही रेलवे रोड से बाग वाला मोहल्ला और एसटीपी तक नाला निर्माण योजना के लिए एनएचएआई को स्वीकृति दे दी है।
इस पर समालखा बचाओ संघर्ष मोर्चा संयोजक कॉमरेड पीपी कपूर ने बताया कि पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को जल्द ही लोकायुक्त कोर्ट के कटघरे मे खड़ा किया जाएगा। तब इनके राजनीतिक आका और उच्च अधिकारी इन्हें बचा नहीं पाएंगे। कपूर ने कहा कि रेलवे रोड पीडब्ल्यूडी विभाग की संपत्ति है। उन्होंने इस घपले के खिलाफ लिखित शिकायतें पीडब्ल्यूडी विभाग को दी हैं। पीडब्ल्यूडी के एसडीओ जून राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव के कारण एनएचएआई के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज नहीं करवा पाए हैं।
एसडीओ अब पालिका सचिव की चिट्ठी दिखाकर पल्ला झाड़ रहे हैं। दूसरी ओर एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर हनुमंत सांगवान ने दो जून को पीडब्ल्यूड़ी विभाग को पत्र भेजकर अनुमति मांगी है। कपूर ने बताया कि वे जल्द ही ड्यूटी से लापरवाही करने और सरकारी संपत्ति और राजस्व हानि पहुंचाने के खिलाफ लोकायुक्त कोर्ट में एसडीओ पर केस दर्ज करवाएंगे। संघर्ष मोर्चा ने जीटी रोड के गंदे पानी की निकासी का नाला निर्माण रेलवे रोड की जन विरोधी योजना को तत्काल वापस लेकर निकासी शहर के बाहर से करवाने और उखाड़ी गई रेलवे रोड को तत्काल समतल करने की सरकार से मांग की है।