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‘नारी शक्ति गाऊं मैं नतमस्तक हो जाऊं मैं’

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पानीपत। अनुगूंज मंच दिल्ली की ओर से सोमवार को कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। पानीपत के सुप्रसिद्ध कवि और कवित्रियों ने अपनी रचनाएं पेश कीं। ऑनलाइन कवि सम्मेलन पानीपत के कवियों और साहित्यकारों को समर्पित था।
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केसर कमल शर्मा ने सुनाया- ‘नारी-महिमा गाऊं मैं, नतमस्तक हो जाऊं मैं’ हरगोबिंद झांब कमल ने सुनाया- ‘लीला प्रभु राम बड़ी न्यारी-नही पार किसी ने पाया, जिस ने जाना मर्म राम-छूट चौरासी चक्कर आया।’
इसी प्रकार भारत भूषण वर्मा ने सुनाया- ‘आत्मनिर्भर देशवासी सदा भारत में हैं जन्में हैं। कभी पीछे नहीं हटते लिया है ठान जो मन में...।’ सोनिया अक्स ने कहा- ‘चुप हैं सारी चुप्पियां, मौन हुए सब मौन, अंतस की अंर्तव्यथा, कहे सुने अब कौन।’ हिमांशु धीमान ने सुनाया- ‘सुबह से शुरु शाम को ढ़लती है जिन्दगी, कभी शांत होती है कभी मचलती है जिंदगी’
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सम्मेलन की अध्यक्षता कवि हरगोबिंद झांब कमल और संचालन सोनिया सोनम अक्स ने किया। संयोजन दिल्ली से निवेदिता चक्रवर्ती ने किया। विशिष्ट आमंत्रित कविगण अतिथियों में असंध से सुप्रसिद्ध कवि भारत भूषण वर्मा, पानीपत से वरिष्ठ कवि केसर कमल शर्मा, हिमांशी धीमान और रजनी तनेजा रहे।
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