पानीपत। मामा ने प्रदेश की बास्केटबाल टीम के कप्तान साहिल में बास्केटबॉल के प्रति जोश भरा था। साहिल के मामा जोगिंद्र खोखर उर्फ काला ने 2014 में केवल 11 साल की उम्र में ही भांजे को खेलने के प्रोत्साहित किया और प्राथमिक रूप से खेलना सिखाया। मामा ने अलग-अलग खेलों के बारे में बताया। गांव में बास्केटबाल के चार स्टेडियम हैं, इसलिए साहिल ने बास्केटबाल से ही शुरुआत की। 2019 में साहिल इंडिया बॉस्केट बॉल के कप्तान भी रह चुके हैं।
हरियाणा में पहली बार खेलो इंडिया यूथ गेम्स का आयोजन पंचकूला में हो रहा है। कप्तान साहिल का सपना है कि वह हरियाणा बास्केटबाल की टीम को जिताएं। इस प्रतियोगिता में देश की टॉप आठ टीमें भाग लेंगी, जिन्होंने अलग-अलग प्रतियोगिताओं में नए रिकॉर्ड बनाए हैं। साहिल के लिए सबसे जिम्मेदारी का काम है अपनी टीम को पॉजिटिव रखना। साहिल का कहना है कि वह टीम की जीत में अहम योगदान निभाना चाहते हैं। उनका सपना देश के लिए खेलकर बड़े स्तर पर मेडल लाने का भी है।
कप्तान साहिल पंचकूूला खेलो इंडिया गेम्स के कैंप में ही अपनी टीम के साथ दिनभर में तीन बार अभ्यास कर रहे है। साहिल ने बताया कि वह लगभग आठ घंटे तक अभ्यास कर रहे हैं। सुबह छह बजे से पहला अभ्यास शुरू हो जाता है। जो दोपहर और शाम को भी होता है। रात को अभ्यास खत्म होने के बाद वह अपनी टीम के साथ बैठक करते हैं, जिसमें वह टीम को तकनीक सिखा रहे हैं। साथ ही उनसे रोज रात को पूछ रहे हैं कि टीम को जीत दिलवाने के लिए क्या नया बदलाव किया जा सकता है।