फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बस स्टैंड से अपहरण कर युवक को पहले घर ले जाकर पीटा, यूपी ले जाकर गोबर उठवाया

विज्ञापन
विज्ञापन
बस स्टैंड से एक युवक का अपहरण कर दो दिन तक मारपीट की गई। युवक ने बताया कि उसका एक युवती के साथ रुपयों का लेन-देन था। कुछ रुपये बकाया रहने पर युवती ने अपने भाई और दोस्तों को भेजकर उसका अपहरण कराया और घर लाकर उसके साथ मारपीट की। यूपी ले जाकर उससे भैंसों का गोबर तक उठवाया। दो दिन तक प्रताड़ना झेलने के बाद उसे पानीपत लेकर आए। शहर थाना पुलिस ने शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन

वार्ड-11 निवासी रानी मोहल्ला निवासी पार्थ उर्फ गगु नंदवानी ने बताया कि वह बीकॉम फाइनल ईयर का छात्र है। एक अक्तूबर को सुबह सवा तीन बजे वह बस स्टैंड के सामने खड़ा था। इसी बीच तीन युवक आए और उसके पकड़ लिया। कुछ देर बाद आशीष पुत्र चूडसिंह निवासी सेक्टर 11-12 एक्टिवा पर सवार होकर आया। आशीष और एक युवक ने मिलकर उसे जबरदस्ती एक्टिवा पर बैठाया और अपहरण कर उसे लवा कोट गुरुद्वारा के पास अपने घर ले गया। जहां पर आशीष और उसकी बहन आशू ने उसके साथ जमकर मारपीट की। जिसके बाद वह उसे गाड़ी में अपहरण कर डुमुखेड़ा, यूपी में अपने मामा के घर पर ले गए। जहां पर भी उसके साथ मारपीट की।
जबरदस्ती भैंसों का गोबर उठाया
पीड़ित ने बताया कि आरोपियों ने यूपी में अपने मामा के घर पर ले जाकर उससे काम कराया और उससे भैंसों का गोबर तक उठवाया। उसने विरोध किया तो जान से मारने की धमकी दी और लगातार मारपीट की। उसने फोन करने का प्रयास किया तो आरोपियों ने उसका फोन और पर्स दोनों छीन लिए।
विज्ञापन

पैसों के लेन-देन के चलते किया गया था अपहरण
पीड़ित ने बताया कि उसका और आशीष की बहन आशू के साथ पैसों का लेन-देन था। आशू के कुछ रुपये देने बकाया रहते थे। अपहरण के दौरान बार बार कहने के बाद दोपहर 1.19 मिनट पर आरोपियों ने उसकी बहन ममता से बात कराई। बहन ने आरोपियों से छोड़ने की अपील की, लेकिन उन्होंने पहले रुपये जमा कराने की बात कही।
पानीपत कोर्ट में लाकर फर्जी स्टांप पर कराए हस्ताक्षर
पीड़ित ने बताया कि दो अक्तूबर की शाम पांच बजे आशीष, आशु, आशीष की मम्मी कमलेश गाड़ी में अपहरण कर उसे पानीपत कोर्ट में लेकर आए। जहां पर उसके नाम के 100 रुपये कीमत के दो स्टांप पेपर लिए। एक स्टांप पर 17 लाख रुपये का लेन-देन और दूसरे स्टांप में 12 हजार मासिक वेतन पर मजदूरी करना लिखवाया। वहीं एक खाली पेज पर आशीष और उसका कोई लेन-देन नहीं है, लिखवाया।
युवक की शिकायत पर युवती, उसके भाई, मां और तीन अन्य आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
विज्ञापन

- इंस्पेक्टर सुनील कुमार, शहर थाना प्रभारी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें