पानीपत। विजय ने पत्नी मुस्कान की हत्या महज पांच मिनट की मुलाकात के बाद ही कर दी थी। शुरुआत में एक बार मुस्कान अपने कमरे से बाहर भी आई थी और विजय कमरे के अंदर ही था, ऐसे में अगर मुस्कान विजय के इरादे भांप जाती और दोबारा कमरे में नहीं जाती तो उसकी जान बच सकती थी। वह कमरे में गई और महज पांच मिनट बाद ही गोली चलने की आवाज से हड़कंप मच गया। लोग बाहर आए तो विजय कट्टे में कारतूस में लोड करता मिला और लोगों को जान से मारने की धमकी देते हुए भागा, हालांकि लोगों ने ही हिम्मत दिखाते हुए उसे धरदबोचा और पुलिस के हवाले किया।
मनीष कॉलोनी में मुस्कान की पड़ोसी अनामिका ने बताया कि जिस वक्त विजय आया, वह अपने कमरे के बाहर बैठी थी। विजय मुस्कान के कमरे में जाने से पहले बाथरूम गया और हाथ मुंह धोने लगा। इसके बाद वह मुस्कान के कमरे में गया, लेकिन उसके अंदर जाते ही मुस्कान बाहर आई और कमरे के बाहर बंधी रस्सी पर कपड़े सुखाने लगी। कपड़े सुखाकर वह फिर अंदर चली गई। अनामिका ने बताया कि इसके बाद वह भी अपने कमरे में चली गई।
पांच मिनट में बाद सिलिंडर फटने जैसी आवाज आई। वह और आस पड़ोस के लोग बाहर निकले तो विजय कमरे से बाहर खड़ा हुआ था। उसके हाथ में कट्टा था और वह उसमें दूसरी गोली लोड कर रहा था। उसने सबको धमकी दी की शोर मचाया तो जान से मार देगा। उसके जाने पर वह मुस्कान के कमरे में गई, जहां वह जमीन पर खून से लथपथ हालत में पड़ी थी। वह दौड़कर नीचे परचून की दुकान खोलकर बैठे मकान मालिक मनीष के पास गई और वारदात की सूचना दी।
मकान मालिक पर भी गोली चलाने के लिए कट्टा निकाला, लेकिन दबोचा गया
मकान मालिक गांव रिसालू निवासी मनीष ने बताया कि उन्होंने कॉलोनी में ही बाहर की तरफ परचून की दुकान खोल रखी है। सोमवार को वारदात की सूचना मिलते ही वह दुकान से बाहर आए तो आरोपी विजय भागता दिखा। उन्होंने उसको पकड़ा तो पैंट की जेब में कट्टा निकालकर गोली चलाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने उसके हाथ से कट्टा छीन लिया। जेब की तलाशी ली तो 315 बोर का एक कारतूस मिला। कॉलोनी निवासी बाहर निकलकर आए और उसकी पिटाई कर दी।
वारदात के समय घर पर थी बड़ी बहन, भाई और मां काम पर गए थे
मृतका मुस्कान के बड़े भाई इरफान ने बताया कि वह चार बहन भाई हैं। सबसे बड़ा वह, उससे छोटी बहन आयशा, फिर रुखसार और सबसे छोटी मुस्कान थी। वे चारों शादीशुदा हैं। मनीष कॉलोनी में करीब ढाई से 82 नंबर कमरे में बहन रुखसार, जीजा और भांजा, 83 नंबर कमरे में मां आसमा, पिता इस्लाम और मुस्कान रहते थे। 84 नंबर कमरे में वह, उनकी पत्नी तरन्नुम और तीन माह का बेटा रिहान रहते हैं। सोमवार को बहन मुस्कान 82 नंबर कमरे में रुखसार के साथ थी। पिता बीमारी की वजह 10 सितंबर को पैतृक गांव, पश्चिम बंगाल चले गए थे। वह अपनी मां आसमा के साथ सेक्टर-29 पार्ट टू स्थित एएनजी फैक्टरी में काम करने के लिए गया था। जबकि उसकी पत्नी बहन आयशा के साथ बेटे रिहान को दवा दिलाने के लिए गई थी। इसी बीच बहन रुखसार ने कॉल कर वारदात की सूचना दी।
मुस्कान को भगा ले जाने की कराई रिपोर्ट, विजय ने कॉल कर कहा था, अपनी बेटी को ले जाओ
भाई इरफान ने बताया कि तीन माह पहले आरोपी विजय मुस्कान को अपने साथ शादी के लिए भगाकर ले गया था। उन्होंने आरोपी के खिलाफ चांदनीबाग थाना में चार सितंबर 2021 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। करीब 20 दिन बाद आरोपी विजय ने खुद कॉल कर कहा कि तुम्हारी बेटी मुजफ्फरनगर के गांव सोहनीमाजरा स्थित उसके घर पर है। आकर ले जाओ। इसके बाद वह मुस्कान को साथ ले आए थे। मुस्कान ने विजय से शादी करने की बात कही तो उन्होंने दूसरे धर्म में शादी करने का विरोध किया था। इसके बाद मुस्कान मान गई थी औेर विजय को कॉल कर रिश्ता खत्म करने करने के लिए कहा था।
शादी के बाद कोर्ट से प्रोटेक्शन भी मांगा था
मुस्कान ने विजय से कोर्ट में शादी के बाद अपने परिजनों से जान का खतरा बताते हुए कोर्ट में जान की सुरक्षा के लिए अपील की थी। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें सुरक्षा देने के आदेश दिए थे। कुछ दिन साथ रहने के बाद मुस्कान वापस घर चली गई थी।
तीन और 13 सितंबर को भी विजय आया था, मुस्कान ने जाने से किया था इनकार
मंगलवार को पहला मौका नहीं था जब विजय पत्नी मुस्कान को ले जाने के लिए आया था। शादी के बाद मुस्कान मायके आई और परिवार वालों के विरोध पर विजय से रिश्ता रखने से इनकार किया था, विजय तब से कई बार मुस्कान को अपने साथ ले जाने का प्रयास कर चुका था। वह तीन और 13 सितंबर को भी मुस्कान को लेने के लिए आया था, लेकिन मुस्कान से जाने से मना कर दिया था।
पानीपत। सिविल अस्पताल स्थित शव गृह के बाहर मृतक मुस्कान के भाई व जीजा कक बयान गर्ज करती हुई पुलिस?- फोटो : Panipat