गोहाना मोड़ से गांव डाहर तक स्टेट हाईवे को फोरलेन करने का काम अधूरा पड़ा है। इस मार्ग पर 350 दुकानदार और छह निजी अस्पताल संचालक पिछले डेढ़ माह से परेशान हैं। सड़क चौड़ीकरण में बिजली निगम के 220 विद्युत खंभों ने अड़ंगा लगा रखा है। जब तक खंभें नहीं हटेंगे तब तक काम शुरू नहीं हो सकता है।
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने मार्ग को फोरलेन करने के लिए खन्ना रोड से एनएफएल फाटक तक दोनों ओर करीब 15-15 फुट चौड़े और ढाई फुट गहरे गड्ढे खोदे गए हैं, जिन पर नींव तैयार कर मार्ग को चौड़ा किया जाएगा। इन गड्ढ़ों में ही लगे बिजली के 220 खंभे जब तक नहीं हटेंगे तब तक नींव तैयार नहीं की जा सकती है। इन खंभों को हटाने का काम पीडब्ल्यूडी और बिजली निगम के अधिकारियों के बीच फंसा हुआ है। इसका खामियाजा गोहाना रोड निवासियों को भुगतना पड़ रहा हैं।
गड्ढों में बरसात का पानी जमा हो है, रोज गड्ढों में वाहन गिर रहे हैं। इन हादसों में दो युवकों की मौत भी हो चुकी है। अब रोड का काम अधूरा होने के कारण शुगर मिल, किशनपुरा, खन्ना रोड, एनएफएल फाटक और एफसीआई गोदाम के सामने जाम की स्थिति रहती है।
शहरी विधायक प्रमोद विज ने चुनाव लड़ने से पहले ही कहा था कि उनका पहला प्रयास पानीपत- रोहतक नेशनल हाइवे को गोहाना मोड़ से डाहर गांव तक फोरलेन कराना होगा। विधायक ने इस परियोजना को पास भी कराया। फिर विधायक ने वन विभाग से पेड़ काटने की अनुमति भी दिलाई। पीडब्ल्यूडी ने मार्ग को चौड़ा करने के लिए दोनों ओर सड़कों की खुदाई की, लेकिन अब रोड को बनाने में सबसे बड़ी परेशानी बिजली निगम के खंभे हैं। विधायक के बार बार-कहने के बाद खंभे नहीं हटाए जा रहे हैं।
अगर बिजली बिजली निगम पोल शिफ्ट करने की जिम्मेदारी लेता है तो इसके लिए पीडब्ल्यूडी को एस्टीमेट बनाकर देगा। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया होगी, जिसमें एक माह का समय लग जाएगा और पोल शिफ्ट करने का कार्य तभी शुरू हो पाएगा। सड़क को फोरलेन करने का कार्य लंबा खिंचता दिखाई दे रहा हैं। लोगों को इस परेशानी को दो माह से अधिक समय झेलना पड़ सकता हैं।
दुकानदार सांसद संजय भाटिया, विधायक प्रमोद विज और उपायुक्त से मिल चुके हैं। सांसद ने यहां का दौरा कर अधिकारियों को जल्द से जल्द काम शुरू करने के निर्देश भी दिए थे, लेकिन काम शुरू नहीं हुआ। दुकानदारों ने उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से मिलकर अपनी समस्याएं रखी है। उन्होंने पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन को कॉल कर जल्द काम शुरू करने के निर्देश भी दिए हैं। गोहाना रोड के दुकानदार सुरेंद्र, ललित, मोहन और सुरेश ने बताया कि पीडब्ल्यूडी व बिजली निगम दोनों ही अलग-अलग बातें कर रहे हैं। अभी तक उखाड़ी गई सड़क पर रात को रोड़ा डालना शुरू किया गया है। इसमें भी काम अच्छे से नहीं किया जा रहा। जल्द निर्माण के लिए अलग-अलग जगह गुहार लगा चुके हैं। उन्हें सिर्फ आश्वासन मिलता है।
गोहाना रोड पर मलिक अस्पताल, सरदाना अस्पताल, एआर मितल, खुशी मल्टी स्पेशलिस्ट अस्पताल, कुंडू अस्पताल और सुख सतागर अस्पताल हैं। यहां हर रोज सैकड़ों मरीजों का आना-जाना रहता है। अस्पतालों के सामने गड्ढे खोद दिए गए हैं। मरीजों को यहां से उठाकर ले जाना पड़ता है। इन गड्ढों में गिरने का भी भय बना रहता है। डॉक्टरों ने प्रशासन से अपील की है कि जल्द सड़क व नालों का निर्माण कार्य किया जाए।
बिजली निगम ने पोल शिफ्ट के लिए एस्टीमेट बनाकर देना है। इसके बाद ही पीडब्ल्यूडी की इलेक्ट्रिक विंग की ओर से बिजली पोल शिफ्ट करने काम शुरू होगा।
रामपाल सिंह, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी