पानीपत। सैनी पुरा कॉलोनी के लोगों को अस्थायी तौर पर फ्लैट तो दिए गए, लेकिन दिक्कत बरकरार रही। फ्लैटों में न बिजली थी और न ही पानी। टीम को बोलने के बाद हालांकि बिजली तो आई गई, लेकिन देर रात तक लोगों को पानी नहीं मिल सका। लोगों का आरोप था कि प्रशासनिक टीम ने अपार्टमेंट का पहले निरीक्षण नहीं किया और उन्हें फ्लैट में शिफ्ट कर दिया गया।
कारपेट फैक्टरी में आग लगने के बाद घरों में दरारें आने के बाद 72 घंटे से सड़क पर बिस्तर डालकर सो रहे 16 परिवारों को प्रशासन ने रहने के लिए दिल्ली पैरलल नहर किनारे बनी इंपीरियम रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड बिल्डिंग में शिफ्ट किया। जिससे फैक्टरी की इमारत को गिराने में जान माल की हानि न हो। सोमवार सुबह करीब नौ बजे शिफ्ट कराने के लिए प्रशासनिक टीम ट्रैक्टर-ट्राली और निगम के कर्मचारियों के साथ पहुंच गई। मकानों से सामान को बाहर निकाला और एक के बाद एक सभी मकानों के सामान को फ्लैट में पहुंचाया गया।
शिफ्टिंग का काम शाम सात बजे तक चला। फ्लैट में पहुंचने पर न बिजली मिली और न ही पीने । जिसके बाद लोगों ने एक्सईएन को कॉल किया और समस्या से अवगत कराया। इसके कुछ समय बाद ही बिजली आ गई, लेकिन पानी का संकट बना गया।
2बीएचके के 15 अस्थायी फ्लैट कराए गए मुहैया
प्रशासन की तरफ से फैक्टरी के चारों तरफ से लगने वाले मकानों में रहने वाले परिवारों को 2 बीएचके के 15 अस्थायी फ्लैट मुहैया कराए गए है। दूसरे फ्लोर पर 201 से 210 नंबर और प्रथम फ्लोर 101, 102, 105, 109, 110 नंबर के फ्लैट दिए गए हैं। 15 परिवारों में देशराज सैनी, इश्वर चंद्र, राम निवास, विजय शर्मा, राजा बाबू, मनोज कुमार, पवन कुमार, पवन, मनीष, विजेंद्र, सतीश, मिराज अहमद, जिबरान अली, अनिल कुमार, अनिल को अलग अलग फ्लैट दिए गए हैं।
एक परिवार को फ्लैट से लाना पड़ा सामान, अब किराए पर लिया मकान
सैनीपुरा कॉलोनी निवासी सचिन ने बताया कि वह देशराज सैनी के मकान में किराए पर रहता था, उसे प्रशासन की टीम ने देशराज की लिस्ट में जोड़ दिया और उनके नाम एक ही फ्लैट लिख दिया, जिसका खुलासा उन्हें फ्लैट में सामान ले जाने के हुआ। सचिन ने बताया कि सात सदस्य देशराज के परिवार में है और पांच सदस्य उसके परिवार है, 12 सदस्य एक साथ फ्लैट में नहीं रह सकते, इसलिए उसे फ्लैट से सामान वापस लाना पड़ा और किराए पर रहने के लिए कॉलोनी के दूसरे मकान में सामान शिफ्ट किया है।
बेड, अलमारी मकानों में छोड़ी, गद्दे, बर्तन और कपड़े ले जाने दिए-
सैनी पुरा निवासी प्रीति ने बताया कि वह प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें पूरा सामान शिफ्ट करने के लिए बोला था। वह सामान निकालने लगे तो मौके पर पहुंची टीम ने मना कर दिया। उन्होंने बेड, अलमारी जैसा बड़ा सामान मकानों में छोड़ने के लिए कहा और सोने के लिए गद्दे, पहनने के लिए कपड़े, रसोई का सामान, वॉशिंग मशीन ले जाने की इजाजत दी। अब दो-दो जगह उन्हें अपने सामान का पहरा देना पड़ेगा।
फ्लैट में दिक्कत-
1. बाथरूम से सीवरेज टपक रहे।
2. खिड़कियों में शीशे नहीं।
3. पीने के पानी की समस्या।
4. दरवाजों के लॉक खराब।
सुबह का खाना शाम पांच बजे मिला
पीड़ित परिवारों ने बताया कि सोमवार सुबह नौ बजे से वह सामान शिफ्ट कराने में लगे हुए है। इस वजह से बच्चे भी सुबह से भूखे प्यासे थे। समाजसेवी कुलदीप प्रजापति और अंकित दहिया 120 लोगों के लिए खाना लेकर शाम को पहुंचे। तब सुबह से भूखे बच्चों के चेहरे पर खुशी झलकी।
हर फ्लैट में बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता कराई जा रही है। किसी भी परिवार को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
- आरके सिंह, आयुक्त, नगर निगम
पानीपत। घर से समान निकालकर बाहर रखती हुई महिलाएं।- फोटो : Panipat
पानीपत। घर से समान निकालने के बाद बाहर गली में सड़क पर रखा हुआ समान।- फोटो : Panipat
पानीपत। टैक्टर में समान रखते हुए लोग।- फोटो : Panipat
पानीपत। फ्लैट में पहुंचे लोगों का समान उतारते हुए ।- फोटो : Panipat