पानीपत। गांव शेरा में सुबह करीब साढ़े आठ बजे खेत की जुताई करते समय एक किसान रोटावेटर की चपेट में आ गया। उसकी मौत हो गई। चलते रोटावेटर के नट बोल्ट ढीले होने पर किसान कसने लगा। इसी बीच गले में पड़ी चादर रोटावेटर में फंस गई। किसान रोटावेटर की चपेट में आ गया और गर्दन उसमें फंस गई। स्थानीय किसानों ने उसे किसी तरह रोटावेटर से बाहर निकाला और सामान्य अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
गांव शेरा निवासी जगबीर (36) पुत्र कंवरभान खेतीबाड़ी का काम करता था। धान की फसल की कटाई के बाद बुधवार को सुबह 6 बजे खेत जुताई करने के लिए गया। रोटावेटर से खेत जुताई करते समय ट्रैक्टर एक युवक चला रहा था, जबकि जगबीर ट्रैक्टर के पीछे खड़ा था। सुबह करीब साढ़े 8 बजे रोटावेटर के नट-बोल्ट ढीले हो गए। किसान जगबीर ने ट्रैक्टर रुकवाया और नट बोल्ट सही करने लगा।
ट्रैक्टर रुकने के बाद रोटावेटर तुरंत नहीं रुकता है। रोटावेटर धीमी गति से चल रहा था और इसी दौरान जगबीर नट-बोल्ट कसने लगा। जगबीर के गले में पड़ी चादर में फंस गई और उसे अपनी ओर खींच लिया। जगबीर की गर्दन रोटावेटर में फंस गई । ट्रैक्टर चला रहे युवक ने गांव में कॉल कर हादसे की सूचना दी और जगबीर को निकालने का प्रयास किया। परिजन मौके पर पहुंचे और जगबीर को रोटावेटर से निकालकर सामान्य अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
धान की फसल के बाद मटर की फसल उगाना चाहता था
मृतक जगबीर के छोटे भाई विकास ने बताया कि जगबीर 4 एकड़ जमीन पर खेती करता था। इसी साल 10 एकड़ जमीन पट्टे पर ली थी। धान की फसल की कटाई के बाद वह जमीन पर मटर की फसल उगाना चाहता था। इसी वजह सुबह से जुताई करने के लिए गया था।
बहन भाई में सबसे बड़ा और 3 बच्चों का पिता था जगबीर
जगबीर से छोटी एक बहन और एक भाई विकास है, विकास तहसील में काम करता है। जगबीर शादीशुदा था। उसके तीन बच्चे हैं, जिनमें 2 बेटी और एक बेटा है। बेटी रौनक और रितिका है और सबसे छोटा बेटा 11 वर्षीय यश है।
हादसे के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। शव का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया, आगामी कार्रवाई की जा रही है।
- हरविंद्र सिंह, मतलौडा थाना प्रभारी।