पानीपत। प्रतिबंध के बावजूद किसान बेखौफ होकर खेतों में धान की पराली जला रहे हैं। खेतों में पराली जलाने से जहां वायु प्रदूषण बढ़ रहा है, वहीं भूमि की उपजाऊ क्षमता भी कम हो रही है। सेटेलाइट से निगरानी व प्रशासन की सख्ती के बावजूद किसान लगातार खेतों में पराली जलाकर प्रदूषण फैला रहे हैं। जबकि, कृषि विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा धान की कटाई के बाद अवशेष न जलाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
डॉ. वीरेद्र देव आर्य, उपनिदेशक, कृषि विभाग, पानीपत ने जानकारी देते हुए बताया कि सेटेलाइट निगरानी पर ही निर्भर बना अमलाखेत में पराली व कूड़ा जलाने पर रोकथाम के लिए सेटेलाइट से निगरानी की जा रही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में अभी तक पराली व कूड़ा जलाने की कुल 24 घटनाएं हुई हैं। यह सभी सेटेलाइट के जरिए पकड़ी गई हैं। इनमें से 16 किसानों को 40 हजार रुपये जुर्माना किया गया है। 4 जगह की लोकेशन में पराली जलती नहीं पाई गई जबकि 4 स्थानों पर कार्रवाई प्रक्रिया में है। जुर्माना नहीं जमा कराने पर किसानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि कृषि अधिकारियों ने कर्मियों को क्षेत्र भ्रमण कर पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।