फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देवीलाल पार्क के माली की हत्या

विज्ञापन
पानीपत। ताऊदेवी लाल पार्क में घटना स्थल के कमरे केबाहर पड़ा खुन व कमरे पर लगाया हुआ पुलिस द्वारा ? - फोटो : Panipat
विज्ञापन
पानीपत। देवीलाल पार्क के माली की उसी के साथी ने रविवार की देर रात डंडे और सरिये से मारकर बेरहमी से हत्या कर दी। बुरी तरह पीटने के बाद घायल माली के बेटे और डायल 112 पर पुलिस को कॉल कर मनगढ़ंत कहानी बना दी। उसने कहा कि 10 से 12 बदमाशों ने हमला किया और फरार हो गए। पुलिस के साथी घायल माली का दामाद, साला और पुलिस मौके पर पहुंची। अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में घायल ने आरोपी की तरफ इशारा कर दिया। इस पर दामाद को शक हो गया। अस्पताल में इलाज के दौरान माली ने दम तोड़ दिया। सेक्टर 13-17 थाना पुलिस ने मृतक के दामाद के बयान पर आरोपी माली के खिलाफ हत्या के आरोप में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू की।
विज्ञापन

आजाद नगर निवासी रौनक ने बताया कि उनके ससुर राजबीर (52) एचएसवीपी में माली के पद पर कार्यरत थे। पिछले 30 साल से सेक्टर-6 स्थित देवीलाल पार्क में उनकी ड्यूटी थी। उनके साथ गांव रजापुर निवासी रमेश भी माली के तौर पर कार्यरत था। रविवार की शाम करीब पांच बजे ससुर घर से ड्यूटी के लिए निकले थे। रात करीब 12:48 बजे ससुर के नंबर से साले मुकेश के पास कॉल आया। माली रमेश ने कहा कि उन पर 10-12 बदमाशों ने हमला किया है। पीछे से पिता की बचाओ-बचाओ की आवाज आ रही थी। वह मौके पर पहुंचा तो ससुर क्वार्टर में जमीन पर खून से लथपथ पड़े थे जबकि रमेश के हाथ में चोट लगी थी। वह ससुर और रमेश दोनों को एंबुलेंस से अस्पताल ले जा रहे थे, तभी ससुर ने अपनी चोटों की तरफ हाथ करते हुए रमेश की तरफ इशारा किया। इस पर रमेश पर शक हो गया। अस्पताल पहुंचने पर ससुर को पीजीआई रेफर किया गया लेकिन वे एक निजी अस्पताल में लेकर गए, जहां उनकी मौत हो गई।
रमेश ने बनाई मनगढ़ंत कहानी
बेटे मुकेश ने माली रमेश पर आरोप लगाया कि वह मनगढ़ंत कहानी बना रहा है। रमेश ने उन्हें बताया कि वह हर रोज की तरह रविवार की देर रात पार्क का चक्कर लगाकर क्वार्टर में पहुंचा। रात करीब साढ़े 12 बजे 10-12 बदमाश आए। उन्होंने पूछा कि तुम होमगार्ड हो, उन्होंने माली कम चौकीदार बताया तो बदमाशों ने पहले खिड़की से पत्थर फेंककर मारा और फिर दरवाजे को धक्का मारकर अंदर घुस गए। डंडे और सरिये से हमला किया। उसके जाने के बाद पुलिस को कॉल किया।
विज्ञापन

इस तरह पक्का हुआ रमेश पर शक
मुकेश ने बताया कि रमेश ने उन्हें बताया था कि बदमाशों ने खिड़की से पत्थर फेंककर मारा था लेकिन मौके पर पड़े पत्थरों का आकार बड़ा था, खिड़की के अंदर से नहीं फेंके जा सकते थे। इसके अलावा दरवाजे की चिटकनी सही सलामत थी। अगर बदमाश दरवाजे को धक्का देकर अंदर घुसते को चिटकनी टूटी होनी चाहिए थी।
एसपी, डीएसपी, सीआईए और एफएसएल टीम ने किया निरीक्षण
एसपी शशांक कुमार सावन ने सोमवार सुबह करीब 10 बजे वारदात स्थल का निरीक्षण किया। उनके साथ डीएसपी शहर वीरेंद्र सैनी, सेक्टर 13-17 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विजय सिंह, सीआईए की टीम थी। वहीं एफएसएल टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाएं।
दो बेटों और एक बेटी का पिता था राजबीर
राजबीर की सबसे बड़ी बेटी प्रियंका है। इसके बाद बेटा बेटा मुकेश और सबसे छोटा मोहित है। मोहित अविवाहित है और बास्केटबॉल का खिलाड़ी है। वर्तमान में दिल्ली में कोचिंग ले रहा है। मुकेश ने बताया कि पिता की एक सप्ताह पहले ही रात की शिफ्ट लगाई गई थी।
परिजनों की तरफ से साथी माली पर हत्या करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत दी गई है। इसके आधार पर साथी के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस हर पहलु पर गहनता से जांच कर रही है। -शशांक कुमार सावन, एसपी पानीपत।

पानीपत। राजबीर। फाइल फोटो।- फोटो : Panipat

ानीपत। ताऊदेवी लाल पार्क में घटना स्थल पर जांच करते हुए डीएसपी विरेंद्र सैनी व साथ में अन्य पुलिस- फोटो : Panipat

पानीपत। घायल रमेश अस्पताल में उपचाराधीन।- फोटो : Panipat

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें