पानीपत। यूक्रेन व रूस के बीच जारी जंग का असर पानीपत उद्योगों पर पड़ रहा है। कच्चे तेल की कीमतें 105 डालर प्रति बैरल पहुंच गई है । एक सप्ताह पहले ये कीमत 90 रुपये प्रति बैरल थी। इसका सीधा असर धागा बनने में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक दाने व पॉलिस्टर धागे पर पड़ रहा है। प्लास्टिक दाने का दाम पांच दिन में 10 रुपये बढ़कर 130 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। यूक्रेन, पौलेंड, रोमानिया से मिले बाथमेट, बेडसीट, शोफे कवर व मिंक कंबल के ऑर्डर फिलहाल रुक गए हैं। इससे निर्यातकों को बड़ा नुकसान हो रहा है। यहां से नए ऑर्डर भी नहीं मिल रहे। उद्यमियों को अपनी पेमेंट फंसने का भी डर सता रहा है।
यदि युद्ध लंबा खिंचा तो टेक्सटाइल नगरी को पांच हजार करोड़ रुपये चपत लगेगी। 2021 में पानीपत के निर्यातकों की चांदी हो गई थी। विश्व भर के देश चीन से नाराज हैं इसलिए पानीपत के उद्यमियों को बड़े स्तर पर ऑर्डर मिले थे। पानीपत का एक्सपोर्ट दो साल में चार हजार करोड़ रुपये बढ़ गया और 16 हजार करोड़ पर पहुंच गया था। अब रूस- यूक्रेन के संघर्ष के बाद ये निर्यात एक से डेढ़ हजार करोड़ कम हो सकता है।
इन देशों से मिले ऑर्डर हो सकते हैं कैंसल
यूक्रेन पूर्वी यूरोप में स्थित एक देश है। इसकी सीमा पूर्व में रूस, उत्तर में बेलारूस, पोलैंड, स्लोवाकिया, पश्चिम में हंगरी, दक्षिण-पश्चिम में रोमानिया और माल्दोवा से लगती है। इन सभी देशों में पानीपत से टेक्सटाइल उत्पाद जाते हैं।
घरेलू मार्केट पर 30 प्रतिशत असर पड़ रहा
यूक्रेन व रूस में पानीपत के टेक्सटाइल उत्पाद जाते हैं। वो अभी रुक गए हैं। इस संघर्ष का घरेलू मार्केट पर भी असर पड़ रहा है। अगर युद्ध लंबा चला तो घरेलू मार्केट में 30 प्रतिशत सेल कम हो जाएगी। -विनोद खंडेलवाल, चेयरमैन चैंबर ऑफ कॉमर्स
अगर लड़ाई लंबी चली तो बड़ा नुकसान होगा
युद्ध लंबा चला तो उद्योगों को बड़ा नुकसान हो सकता है। यूक्रेन और उसके पड़ोसी देशों के ऑर्डर कैंसल हो सकते हैं। उद्यमियों को करीब पांच हजार करोड़ का नुकसान हो सकता है। - विनोद धमीजा, एक्सपोर्टर पानीपत
प्लास्टिक दाना महंगा हो रहा
धागा बनाने में इस्तेमाल होने वाला प्लास्टिक दाना 10 रुपये प्रति किलोग्राम महंगा हो गया है। इससे धागा भी महंगा होगा। कच्चे तेल की कीमतें भी लगातार बढ़ रही है। -अनिल बंसल, प्रधान, वूलन फैबरिक एसोसिएशन