किसान आंदोलन में मारे गए किसानों के परिवारों को मुआवजा व नौकरी मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन- मान
भारतीय किसान यूनियन की पानीपत में हुई प्रदेशस्तरीय मीटिंग
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। किसान भवन में भारतीय किसान यूनियन की प्रदेश स्तरीय बैठक हुई। इसमें प्रदेश भर के किसानों ने भाग लिया। अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष रतन मान ने की। उन्होंने प्रदेश सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक किसान आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिवारों को मुआवजा व सरकारी नौकरी तथा किसानों पर दर्ज किए गये मामले वापस नहीं लिए जाएंगे, तब तक किसान आंदोलन बदस्तूर जारी रहेगा।
हरियाणा सरकार किसानों को झांसा देकर दिल्ली धरने से किसानों को उठाने के लिए सारे प्रयास कर रही है। मान ने कहा कि मोदी सरकार ने तीनों कृषि कानूनों को तो वापस ले लिया है लेकिन एमएसपी पर खरीद की गारंटी का कानून अभी तक नहीं बनाया गया है। किसानों की इसके अलावा भी कई मांगें है जिसको सरकार ने अभी पूरा नहीं किया है। उन्होंने प्रदेशभर से आए हुए किसान सरदारों से कहा कि किसानों की सभी मांगों को लेकर संघर्ष अभी जारी रहेगा। इस मौके पर प्रताप माजरा जयभगवान नंबरदार, रोहतक, सुरेंद्र सिंह गुमन, श्याम सिंह मान, सतपाल दिलोवाली, आजाद खान मेवात, जयभगवान सोनीपत, सोनू शहर मालपुरिया, बिंटू मलिक व यशपाल राणा मौजूद रहे।
डाहर शुगर मिल के निर्माण को लेकर किसानों का धरना
भाकियू की पानीपत की जिला स्तरीय बैठक बुधवार को किसान भवन में पूर्व प्रधान राज सिंह आर्य की अध्यक्षता में हुई। इसमें सभी पदाधिकारियों व
किसानों ने सर्वसम्मति से डाहर में बन रहे नए शुगर मिल को लेकर एक दिन का सांकेतिक धरना देने का फैसला लिया गया। इस मौके पर भाकियू के जिला
प्रधान सोनू मालपृरिया ने कहा कि पानीपत के गांव डाहर में नया शुगर मिल बनाया जा रहा है पर ऐसी संभावना है कि वह दिसंबर में भी चालू नहीं हो
पाएगा। इससे गन्ना किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। जिला में इस बार 65 से 70 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई होनी है। पानीपत की पुरानी शुगर मिल यदि ठीक ठाक चले तो वह अपनी 18 हजार क्विंटल रोजाना की पिराई क्षमता के अनुसार ज्यादा से ज्यादा 30 लाख क्विंटल गन्ने की ही पिराई कर सकती है और बाकि 35 से 40 लाख क्विंटल गन्ना कहा पर जाएगा। सरकार व जिला प्रशासन डाहर में बन रहे नए शुगर मिल को जल्द ही चालू करवाने को लेकर गंभीर नहीं है। सोनू मालपुरिया ने कहा कि डाहर शुगर मिल का निर्माण कार्य जल्द ही पूरा करवाने की मांग को लेकर किसानों का एक दिवसीय सांकेतिक धरना पानीपत के पुराने शुगर मिल के बाहर 15 दिसंबर को दिया जाएगा।