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ईंट भट्ठा कर्मियों के न्यूनतम वेतन में नहीं कर सकेंगे कटौती, कम वेतन की शिकायतों पर श्रम विभाग के अधिकारी करेंगे तत्काल कार्रवाई

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चंडीगढ़। हरियाणा में ईंट भट्ठा पर काम करने वाले श्रमिकों और कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन में कटौती नहीं की जा सकेगी। भट्ठा मालिक को निर्धारित न्यूनतम वेतन देना ही होगा। अगर किसी मालिक के खिलाफ कम वेतन देने की शिकायत मिलती है तो संबंधित जिला प्रबंधक आरोपी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करेंगे।
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उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने शनिवार को इस संबंध में श्रम एवं रोजगार विभाग के अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए। उन्होंने कहा कि 1 जुलाई 2021 से ईंट भट्ठा उद्योग में कार्य करने वाले श्रमिकों के मूल वेतन को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक से जोड़कर 1.31 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। ईंट-भट्ठे पर पथेरा का कार्य करने वाले मजदूरों के लिए 558.53 रुपये प्रति एक हजार ईंट व 628.35 रुपये प्रति एक हजार टाइल की न्यूनतम दर निर्धारित की है।
भट्ठे में ईंटों की भराई करने वाले मजदूरों के लिए भी न्यूनतम दर निर्धारित की गई है। अगर भट्ठे से पथाई वाले खेत की दूरी 400 मीटर तक है तो उनके लिए 251.31 रुपये प्रति हजार निर्धारित किया गया है। इससे अधिक दूरी होने पर प्रत्येक 100 मीटर की दूरी पर उक्त दर के अतिरिक्त 22.28 रुपये प्रति हजार दिए जाएंगे। अगर 1000 मीटर दूरी तक किसी टेंपो, पशु चालित रेहड़ी या किसी अन्य मशीन चालित वाहन से ईंट भट्ठे पर भराई की जाती है तो 206.61 रुपये प्रति हजार रुपये मिलेंगे। इससे अधिक दूरी होने पर प्रत्येक 500 मीटर दूरी से भराई करने वालों को 22.28 रुपये प्रति हजार अतिरिक्त दिए जाएंगे।
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दुष्यंत ने कहा कि कैरीवाला का कार्य करने वाले मजदूरों के लिए 44.63 रुपये प्रति एक हजार ईंट व निकासी वाला के लिए 184.29 रुपये प्रति एक हजार ईंट की दरें तय की हैं। चुनाईवाला, मिस्त्री, कोलमैन व जलाइवाला का कार्य करने वाले श्रमिक के लिए 11348.43 रुपये मासिक दर तय की गई है।े
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