चंडीगढ़। पंजाब फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज टीचर्स ऑर्गेनाइजेशन (पीफुक्टो) के बैनर तले पंजाब के कॉलेजों और पंजाब विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने सातवें वेतनमान के लिए ताकत दिखाई। रैली ग्राउंड में राज्य स्तरीय रैली में नारेबाजी की गई। मार्च निकालकर शिक्षक पंजाब विधानसभा की ओर जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक लिया। यहां अधिकारियों को ज्ञापन दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि मांगों पर जल्द कार्रवाई होगी।
शिक्षक संगठन पीफुक्टो के बैनर तले पुटा, जीएनडीयूटीए, पीएयूटीए, जीसीटीए आदि शिक्षक संगठन के पदाधिकारी सुबह रैली ग्राउंड में एकत्रित हुए। पीफुक्टो के अध्यक्ष डॉ. एचएस किंगरा ने कहा कि शिक्षकों को यूजीसी के मुताबिक सातवें वेतनमान का लाभ दिया जाना चाहिए। पंजाब सरकार इसे लागू नहीं कर रही है, जोकि गलत है। शिक्षक चरणवार तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को राज्य स्तरीय रैली का आयोजन किया गया। इस दौरान डॉ. एनएस देओल, डॉ. मृत्युंजय कुमार, प्रो. अमरजीत सिंह नौरा, डॉ. एसएस रंधावा, डॉ. जगवंत सिंह आदि ने कहा कि सातवें वेतनमान का लाभ लेकर रहेंगे।
उन्होंने यह भी मांग रखी कि नए शिक्षकों की तैनाती में ग्रेड पे यूजीसी के मुताबिक दिया जाए। इसके साथ ही कम किया गया स्केल पंजाब सरकार वापस ले। इसके बाद शिक्षक नारेबाजी करते हुए पंजाब विधानसभा की ओर बढ़ने लगे तो सेक्टर-25 में ही पीयू की तरफ से लगाए गए बैरिकेड पर उन्हें रोक लिया गया। इस दौरान दो घंटे तक शिक्षक अपनी मांगों पर अड़े रहे। वे विधानसभा जाना चाह रहे थे। आखिर में पंजाब सरकार के अधिकारी पहुंचे और उन्होंने शिक्षकों की बात सुनीं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की ये मांगें सीएम पंजाब को अवगत कराएंगे और पूरा करवाने की पूरी कोशिश होगी। इसके बाद शिक्षकों ने ज्ञापन दिया और रैली खत्म की।