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भाजपा प्रदेश महासचिव बोले, किसान नेताओं को वार्ता के लिए करनी चाहिए पहल

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चंडीगढ़। प्रदेश भाजपा महासचिव जीवन गुप्ता ने कहा कि संसद द्वारा पारित कृषि कानून रद्द करना असंभव है। इसलिए किसान यूनियन के सभी नेताओं को जिद छोड़ कर केंद्र सरकार से सार्थक वार्ता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसान नेताओं को एक अच्छा मसौदा तैयार कर केंद्र सरकार के सामने रखना चाहिए, जिससे कि किसानों तथा पंजाब का फायदा हो। केंद्र सरकार से 12 बार किसान नेताओं की वार्ता हो चुकी है। स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी किसानों से किसी भी समय संपर्क करने के लिए संदेश दिया हुआ है।
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गुप्ता ने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों के हितों के लिए बहुत कार्य किए हैं। आज सिर्फ राजनीतिक स्वार्थ और विपक्षी दलों के बहकावे में आकर किसान केंद्र सरकार का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार नए पारित किए गए कृषि कानूनों में संशोधन करने के लिए किसान संगठनों से वार्ता के लिए किसी भी समय तैयार है। केंद्र सरकार किसानों को सम्मान निधि योजना के तहत 6000 रुपये वार्षिक सीधे उनके खातों में भेज रही है। नीम कोटिड यूरिया दिया, किसान क्रेडिट कार्ड दिए, फसल बीमा योजना दी, एमएसपी को 1.5 प्रतिशत बढ़ाया, किसान देश में कहीं भी अपनी फसल बेच सकता है, डीएपी खाद में 50 प्रतिशत सब्सिडी दी, किसानों की फसलों की सीधी अदायगी उनके खातों में भेजी, आज किसानों को एमएसपी से ज्यादा कीमत मिल रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों की फसल की अदायगी उनके खातों में सीधी करनी शुरू कर दी है, जिसकी किसान बहुत समय से मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में धरना-प्रदर्शन करने का सभी को मौलिक अधिकार है। किसान नेता अगर बातचीत के लिए या संशोधन के लिए एक कदम आगे बढ़ेंगे तो भारत सरकार उनके लिए दो कदम आगे बढ़ेगी।
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