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सेक्टर-15: डिस्पेंसरी की जगह बना दिया आईएमए हाउस

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पंचकूला। 42 साल बाद भी मास्टर प्लान के हिसाब से सेक्टर-15 के स्थानीय लोगों को डिस्पेंसरी की सुविधा नहीं मिली है। सेक्टर-15 शहरी क्षेत्र में सेक्टर-20 के बाद आबादी के हिसाब से दूसरा सबसे बड़ा सेक्टर है। उसके बाद भी उपचार से जुड़ी सुविधाओं के लिए स्थानीय लोगों को दूसरे सेक्टरों पर निर्भर रहना पड़ता है। सेक्टर में स्थित आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों ने बताया कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा बनाए मास्टर प्लान में डिस्पेंसरी के लिए जगह छोड़ी गई थी, लेकिन उस जगह एचएसवीपी ने आईएमए हाउस बना दिया। इस कारण कोरोना काल में सेक्टर के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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वहीं सेक्टर में सामुदायिक भवन का काम भी अभी अधर में लटका है। यहां 2019 में पुरानी कम्युनिटी सेंटर को गिराकर नए कम्युनिटी सेंटर की बिल्डिंग का निर्माण शुरू किया गया था, लेकिन दो साल बाद भी कम्युनिटी सेंटर का काम पूरा नहीं हो पाया है। स्थानीय लोगों की मांग है कि इसे जल्द पूरा किया जाए, ताकि इसका लाभ सेक्टर के लोगों को मिल सके। वहीं सेक्टर में पानी के दो टैंक होने के बाद भी यहां लोगों के घरों में फर्स्ट फ्लोर तक पानी नहीं चढ़ पाता है। यहां पानी कम दबाव में आता है।
मंडी साइट को बनाया डंपिंग साइट
सेक्टर-15 की मंडी साइट को नगर निगम के कर्मचारियों ने डंपिंग साइट बना दिया है। यहां डंप कूड़े की बदबू से मंडी के आसपास बने घरों में रहने वाले लोग परेशान हैं। वहीं यहां कूड़े की वजह से लावारिस पशुओं का झुंड लगा रहता है। इस कारण न तो सेक्टर में सफाई नजर आती है, न ही शहर पशुओं से मुक्त हो पा रहा है। बता दें कि खुले में डंप कूड़े में पशु मुंह मारते नजर आते हैं। यहां बेसहारा पशुओं का जमघट लगा रहता है। स्थानीय लोगों की मांग है कि जहां कूड़ादान रखा है, वहां शेल्टर बनाया जाए। साथ ही खाली ग्राउंड में बिखरे कूड़े की सफाई करवाई जाए।
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सीवरेज ब्लाकेज की समस्या से स्थानीय लोग परेशान हैं। इसकी मुख्य वजह है कि सेक्टर की आबादी बढ़ गई है, लेकिन सीवर पाइप लाइन पुरानी है। यहां एचएसवीपी की तरफ से 8 इंच की पाइप लाइन डाली गई है, जबकि वर्तमान में यहां करीब 12 से 16 इंच की पाइप लाइन की दरकार है। - सुनील वशिष्ठ, प्रधान, आरडब्ल्यूूए सेक्टर-15
सेक्टर-18 की तर्ज पर स्थानीय सेक्टर में ओपन जिम लगाए जाएं। इसके अलावा सेक्टर में चोरी की वारदात बढ़ गई है। इस कारण यहां पुलिस की पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए। साथ ही सेक्टर में नगर निगम की तरफ से सीसीटीवी कैैमरे भी लगाए जाएं, ताकि इस तरह की गतिविधियों पर नजर रखा जा सके। - हरजीत पुनिया, महासचिव आरडब्ल्यूए सेक्टर-15
1978 में एचएसवीपी ने सेक्टर बसाना शुरू किया था। 42 साल बाद भी सेक्टर को डिस्पेंसरी नहीं मिली है। यहां मास्टर प्लान में डिस्पेंसरी का प्रावधान है, लेकिन डिस्पेंसरी साइट पर आईएमए हाउस बना दिया है। इसके चलते सेक्टर के लोग डिस्पेंसरी जैसी बुनियादी सुविधा के लिए दूसरे सेक्टरों पर निर्भर हैं। - एसके नैय्यर, प्रधान, सिटीजंस वेलफेयर एसोसिएशन पंचकूला।
सेक्टर में कार्नर प्लाटों पर लोगों ने ग्रीन बेल्ट बना रखा है। इसके चलते मोड़ पर आए दिन सड़क हादसे होते रहते हैं। वहीं कुछ मकान नंबर 1485 और 1486 के बीच बने पार्क को मेनटेन करने की जरूरत है। इसके साथ सेक्टर के कम्युनिटी सेंटर का भी काम जल्द पूरा होना चाहिए, ताकि सेक्टर के लोग इसका लाभ उठा सके। - सुरेंद्र मोहन, पूर्व महासचिव, आरडब्ल्यूए।
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