चंडीगढ़। हरियाणा रोडवेज का बेड़ा बीते पांच साल में 4200 से कम होकर 2241 बसों तक पहुंच गया है। बुक वैल्यू पूरा होने पर बसें कंडम होकर बेड़े से बाहर हो रही हैं और नई नहीं आ रहीं। रोडवेज बसें कम होने के कारण ग्रामीण और लंबे रूट की सेवाओं पर भी असर पड़ा है। बसों की फ्रीक्वेंसी कम होने के बजाय बढ़ गई है।
दिल्ली-चंडीगढ़ और गुरुग्राम रूट को छोड़कर अन्य रूट पर फ्रीक्वेंसी में दस से बीस मिनट का समय बढ़ गया है। बीते वर्ष अगर परिवहन विभाग ने दस साल पूरा कर चुकी बसों की बुक वैल्यू दो साल न बढ़ाई होती तो रोडवेज बेड़े में इस समय लगभग 1500 बसें ही होती। सड़कों पर चलने का समय पूरा कर चुकी बसों को विभाग मरम्मत कर चला रहा है।
कर्मचारियों की कमी के कारण परिवहन विभाग का कामकाज भी पटरी से उतरा हुआ है। विभिन्न श्रेणी के कर्मचारियों के 5788 पद खाली पड़े हैं। इन्हें वर्षों से भरा ही नहीं गया। युवा पक्की भर्ती की बाट वर्षों से जोह रहे हैं। विधानसभा के बजट सत्र में भी रोडवेज बसें लगातार घटने और कर्मचारियों के खाली पद न भरे जाने का मुद्दा कांग्रेस विधायक अमित सिहाग उठा चुके हैं।
नए वित्त वर्ष में बढ़ेगा बसों का बेड़ा : मूल चंद
परिवहन मंत्री मूल चंद शर्मा का कहना है कि नए वित्त वर्ष में रोडवेज बेड़ा तेजी से बढ़ेगा। 809 नई बसों की चेसिज खरीद चुके हैं। उन्होंने बनाने का काम चल रहा है। 20 लग्जरी बसों के साथ ही 150 हीट वेंटिलेटेड एसी बसें खरीदने की प्रक्रिया चल रही है। 2022-23 में 2000 साधारण बसें खरीदने के साथ ही 50 लग्जरी और मिनी बसें भी खरीदेंगे। साधारण बसें सीधे कंपनियों से बनी बनाई खरीदने पर विचार चल रहा है।
ये पद चल रहे खाली
परिवहन विभाग में ए श्रेणी का एक, बी के 77, सी के 4475 और डी के 685 पद खाली हैं। परिवहन आयुक्त कार्यालय में ए श्रेणी के 5, बी के 80, सी के 385 और डी के 80 पदों को वर्षों से भरा नहीं गया।