फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाणा : एफसीआई की नई पॉलिसी के खिलाफ राइस मिलर्स एकजुट, सीएम ने दिया मांगों के समाधान का आश्वासन

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। सीएमआर को लेकर एफसीआई की नई नीति के विरोध में हरियाणा के राइस मिलर एकजुट हो गए हैं। मिलर्स ने चेताया कि वे नई नीति के तहत न तो धान की खरीद करेंगे और न ही इसमें हिस्सा लेंगे। उधर, हालात को देखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने व्यापारियों को आश्वासन दिया है कि वे इस बारे में केंद्र से बात करेंगे और समाधान का प्रयास करेंगे, ताकि मिलर्स को दिक्कत ना आए।
विज्ञापन

हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन के चेयरमैन हंसराज सिंगला और उपाध्यक्ष विनोद गोयल ने बताया कि पहले सीएमआर का काम 25 प्रतिशत टुकड़ा, 3 प्रतिशत डैमेज, 3 प्रतिशत डिस्कलर और 15 प्रतिशत नमी के तहत होता था। लेकिन इस बार एफसीआई ने इसमें बदलाव करके इसे 20, 2,2 और नमी को 14 प्रतिशत कर दिया है। मिलर्स इसका विरोध कर रहे हैं। एसोसिएशन की मांग है कि जनवरी से पहले फिजिकल वेरिफिकेशन ना हो, आनर लीज की गारंटी की शर्त हटाई जाए। मिलर्स की बकाया पेमेंट जल्द जारी की जाए। पड़ोसी राज्यों की जीरी भी लेने दी जाए और बोनस जारी किया जाए। सीएम के साथ बैठक के बाद सीएमआर के चावल की डिलिवरी की अवधि 30 अप्रैल की जगह 30 मई तक कर दी गई। सिंगला ने बताया कि सीएम ने मांगों के समाधान का आश्वासन दिया है। मांगों पर मौखिक सहमति बन गई है, लेकिन अगर ये लिखित में नहीं आई तो मिलर्स फिर से विरोध करने को मजबूर होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें