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खुलासा: गिरोह में 8 से 10 लोग, डाटा हासिल कर करते थे ठगी, दो करोड़ की ठगी मामले में रिमांड के दौरान प्रवीण ने खोले राज

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पंचकूला। बीमा पॉलिसी के नाम पर करीब दो करोड़ की ठगी करने के मामले में गिरफ्तार प्रवीण जैन निवासी गाजियाबाद उत्तर प्रदेश ने पुलिस रिमांड के दौरान कई खुलासे किए हैं। आरोपी प्रवीण ने पूछताछ के दौरान बताया की उसकी टीम में 8 से 10 लोग शामिल हैं। उसका एक गिरोह है, जो लोगों का डाटा हासिल कर उनसे संपर्क करता था। इसके बाद बीमा पॉलिसी और लोन दिलाने के नाम पर उन्हें शिकार बनाता था।
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आरोपी प्रवीण जैन ने खुलासा किया है कि फर्जी दस्तावेज के आधार पर करीब 8 बैंक अकाउंट खुलवाए थे, जिनमें अब तक ठगी के करीब 30 लाख रुपए की ट्रांजेक्शन की गई है। डिटेक्टिव स्टाफ के इंस्पेक्टर मोहिंद्र सिंह ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने महिला ईशु को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, जो टेलीकॉलिंग का काम करती थी। पुलिस ने साइबर की मदद से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सात दिन का रिमांड खत्म होने पर शनिवार को दोबारा आरोपियों को कोर्ट में पेश कर चार दिन के रिमांड लिया है। ताकि, इस धोखाधड़ी में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ पैसों की रिकवरी की जा सके।
कार्यपालक अभियंता के पद से सेवानिवृत्त कुलदीप लाल ने पुलिस को दी शिकायत में लिखा था कि वर्ष 2012 में उन्होंने पांच साल के लिए लाइफ हेल्थ इंश्योरेंस ली थी। किरमोई नाम के व्यक्ति ने उन्हें फोन करके कहा कि अच्छे रिटर्न के लिए वह पॉलिसी खरीद लें। वर्ष 2015 में कुछ पॉलिसी खरीद ली। आरोपी ने अलग-अलग खातों में पैसे लेना शुरू कर दिए। उन्हें आश्वासन दिया कि वह अपने खातों से बुकिंग करके बेहतर छूट प्राप्त कर सकते हैं।
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पॉलिसी भुगतान के बहाने आरोपी पैसे लेते थे। अलग-अलग पॉलिसी के तहत अलग-अलग बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करा करीब दो करोड़ की ठगी कर ली। वर्ष 2020 में शक हुआ तो पॉलिसी की जांच की तो पता चला कि उनके साथ ठगी हुई है। इसके बाद कालका थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच डिटेक्टिव स्टाफ को सौंप दी थी।
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