चंडीगढ़। हरियाणा के लाखों युवाओं के लिए राहत भरी खबर है। लंबित और अटकी भर्तियों को लेकर हो रही फजीहत के बाद आयोग ने फैसला लिया है कि जनवरी माह के अंतिम सप्ताह से भर्तियों के फाइनल परिणाम जारी करने शुरू किए जाएंगे। साथ ही मार्च माह तक 22 हजार पदों के परिणाम जारी किए जाने का लक्ष्य रखा है। आयोग ने इसके लिए रणनीति तैयार करके प्रक्रिया में तेजी ला दी है।
सामाजिक आर्थिक आधार पर मिलने वाले अतिरिक्त अंकों के कारण हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की भर्तियों की चयन सूची जारी करने में देरी हो रही है। काफी संख्या में युवा शपथ पत्रों में झूठी जानकारी दे रहे हैं। 86 श्रेणियों की भर्तियों का परिणाम जारी करने से पहले 750 अभ्यर्थी अपना दावा वापस ले चुके हैं। आयोग ने फैसला लिया कि 20 जनवरी के बाद पहले उन श्रेणियों के परिणाम निकाले जाएंगे, जिनमें आर्थिक सामाजिक आधार के अंक शामिल नहीं हैं। इसके बाद घर में सरकारी नौकरी नहीं होने का दावा करने वालों की जांच कराने के बाद भर्तियों की चयन सूची जारी की जाएंगी।
लंबित हैं 228 श्रेणियों के 26704 पदों के परिणाम
अकेले हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की अलग-अलग 228 श्रेणियों के 26704 पदों के परिणाम लंबित हैं। इनमें अकेले आईटीआई की 93 श्रेणियां हैं। स्टाफ नर्स, एएलएम, वीएलडीए, एमपीएचडब्ल्यू, लैब टेक्नीशियन, जूनियर ड्राफ्टसमैन, रेडियोग्राफर, आपरेटर, लाइब्रेरियन, मार्केटिंग असिस्टेंट, सेक्शन आफिसर आदि की भर्तियों के भी परिणाम शेष हैं।
फरवरी में सीईटी की तैयारी
आयोग सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) फरवरी माह में कराने की योजना तैयार कर रहा है। इसके लिए आयोग की दिल्ली की एजेंसी से बैठकें भी हो चुकी हैं। 8 जनवरी को फिर से इस मामले को लेकर बैठक है। इधर, कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए भी परीक्षा को आगे पीछे करने का विचार चल रहा है।
20 जनवरी तक सिपाही पुलिस की पीएमटी चलेगी। इसके बाद उन श्रेणियों के परिणाम जारी किए जाएंगे, जिनमें सामाजिक आर्थिक आधार के अंक शामिल नहीं हैं। आयोग तेजी से परिणाम जारी करने के लिए पूरी रणनीति तैयार कर ली है और मार्च तक 22 हजार पदों का परिणाम जारी कर दिया जाएगा। - भोपाल सिंह, चेयरमैन, एचएसएससी।