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एलांते मॉल चंडीगढ़ में बिना लाइसेंस के चल रहे फूड कोर्ट होंगे बंद, आयोग ने जारी किए आदेश

Tue, 24 Dec 2019 02:46 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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फूड कोर्ट, एलांते मॉल - फोटो : अमर उजाला
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एक सामान के दो दाम रखने और एमआरपी से ज्यादा चार्ज करना एलांते मॉल और उसके तीसरे फ्लोर पर चल रहे फूड बिजनेस (फूड कोर्ट) को महंगा पड़ गया है। चंडीगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एलांते मॉल में बिना लाइसेंस के चल रहे सभी इटिंग प्वाइंट को बंद करने के आदेश दिए हैं। साथ ही मुआवजे और मुकदमा खर्च के अलावा 10-10 लाख रुपये भी जमा करने के आदेश दिए हैं।
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सेक्टर-42बी में रहने वाले नवनीत जिंदल ने अपनी शिकायत में बताया कि वह अपने परिवार के साथ एलांते मॉल में शॉपिंग करने गए थे। शॉपिंग के बाद वह कुछ खाने के लिए मॉल के तीसरे फ्लोर पर गए, जिसे फूड कोर्ट के नाम से जाना जाता है।

वहां उन्होंने एक कोल्ड ड्रिंक खरीदी, जिसके लिए उनसे 60 रुपये लिए गए जबकि वही कोल्ड ड्रिंक शहर की सभी मार्केट में 32 रुपये में आसानी से मिलता है। इसके अलावा उन्होंने एक पानी की बोतल खरीदी जिसके लिए उनसे 30 रुपये चार्ज किए गए जबकि उस पानी की बोतल पर शहर के अन्य मार्केट में 20 रुपये का दाम प्रिंटेड होता है।
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उन्होंने एक ही सामान के दो दाम और एमआरपी से ज्यादा पैसे लेने को लेकर एलांते मॉल के तीसरे फ्लोर पर स्थित शॉप नंबर 302-304 आकाश रेस्टोरेंट एंड फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, सीएसजे इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड (एलांते मॉल), मॉल के तीसरे फ्लोर पर स्थित अयान फूड्स, कंधारी बेवरेजेस प्राइवेट लिमिटेड और कोका कोला इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ केस दायर किया।

सभी पक्षों ने दलीलों के माध्यम से कहा कि उन्होंने किसी तरह सेवा में कोताही नहीं बरती है। सभी पक्षों की सुनवाई के बाद चंडीगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने कहा कि एलांते मॉल एक शॉपिंग कांप्लेक्स है। वहां किसी के पास भी इटिंग प्वाइंट चलाने के लिए लाइसेंस नहीं है।

राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने आदेशों में कहा कि खाद्य व्यवसाय प्राप्त करने के लिए कोई लाइसेंस रिकॉर्ड पर नहीं रखा गया है और यहां तक कि तर्कों के दौरान कोई भी लाइसेंस नहीं दिखा पाए हैं, बल्कि उन्होंने स्वीकार किया है कि उन्होंने ऐसा कोई लाइसेंस प्राप्त ही नहीं किया था।

इससे साफ होता है कि एलांते मॉल के तीसरे फ्लोर पर खाद्य व्यवसाय अवैध और अनधिकृत तरीके से चलाया जा रहा है। परिस्थितियों को देखते हुए आवश्यकता है कि इनको तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए।
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राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने दिए यह आधार

1. एलांते मॉल के परिसर के भीतर किए गए चल रहे इटिंग प्वाइंट (फूट कोर्ट) को रेस्तरां या होटल के रूप में नहीं कहा जा सकता है।
2. उन इटिंग प्वाइंट के पास एफएसएसए 2006 और खाद्य सुरक्षा और मानक (खाद्य व्यवसायों के लाइसेंस और पंजीकरण) विनियम 2011 के प्रावधानों के तहत कोई लाइसेंस नहीं है।
3. एलांते मॉल में बेचे जाने वाले उत्पादों पर दोहरे मूल्य निर्धारण और एमआरपी से ज्यादा चार्ज करने के लिए उत्तरदाताओं को अधिकृत करने वाला कोई कानून नहीं है।
सभी के खिलाफ जारी किए यह आदेश
1. शिकायतकर्ता से अधिक चार्ज किए रुपये वापस किए जाएं।
2. 20 हजार रुपये मुआवजा और 10 हजार मुकदमे के खर्च के रूप में दिया जाए।
3. कंज्यूमर लीगल एड खाते में सभी 5-5 लाख रुपये जमा कराएं। साथ ही पीजीआई के गरीब रोगी कल्याण कोष में भी सभी 5-5 लाख रुपये जमा कराएं।
4. बेचे जा रहे सामानों पर दो दाम छापना तुरंत बंद किया जाए। लोगों से भी वसूलना तत्काल प्रभाव से रोका जाए।
5. एलांते मॉल में बिना लाइसेंस चल रहे फूड बिजनेस को तुरंत बंद करें।
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