चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से जुड़ी एफआईआर में एससी/एसटी एक्ट जोड़ने की मांग को लेकर दाखिल याचिका को सिरे से खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि शिकायतकर्ता के अतिरिक्त अन्य कोई व्यक्ति अन्य धारा जोड़ने की मांग नहीं कर सकता।
याचिका दाखिल करते हुए कैथल निवासी मोहन लाल ने हाईकोर्ट को बताया कि राज कुमार की शिकायत पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में कैथल पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। इस एफआईआर में एससी/एसटी एक्ट की धाराओं को जोड़ने के लिए याची ने मांगपत्र सौंपा था। लेकिन पुलिस ने इन धाराओं को एफआईआर में नहीं जोड़ा। इसलिए याची को इन धाराओं को जोड़ने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करनी पड़ी। हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में याची शिकायतकर्ता नहीं है। शिकायतकर्ता के अतिरिक्त धाराओं को जोड़ने की मांग कोई और नहीं कर सकता। हालांकि हाईकोर्ट ने कहा कि याची को यह अधिकार है कि एससी/एसटी एक्ट में केस दर्ज करने की मांग को लेकर वह मजिस्ट्रेट को शिकायत दे सकता है।