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Panchkula News: सरहद पर तैनात जवानों के साथ..उनकी मां, पत्नी, बेटी भी हैं गणतंत्र की प्रहरी

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माई सिटी रिपोर्टर पंचकूला। देश के गणतंत्र को बचाने में योगदान देने वाला हर व्यक्ति गणतंत्र का प्रहरी है। इसमें सीमा पर सुरक्षा के लिए तैनात सेना के जवान से लेकर उनके घर की महिलाएं तक शामिल हैं। जो उन्हें समय-समय पर देश की रक्षा के लिए प्रेरित करती हैं, और हर समय कदम से कदम मिलाकर साथ चलती हैं। यह कहना है कारगिल युद्ध के समय तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल वीपी मलिक का। पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वीपी मलिक ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर बुधवार को कारगिल युद्ध के समय की घटनाओं को अमर उजाला के साथ साझा किया। उन्होंने बताया कि युद्ध के समय सरहद और सैनिकों का जिम्मा जहां उनके हिस्से था, वहीं उनकी पत्नी रंजना मलिक सैनिकों की पत्नियों, बच्चों और परिवारों का हौसला बनी हुई थीं। उन्होंने बताया कि उस समय रंजना मलिक आर्मी वाइव्स एसोसिएशन की मुखिया थीं। एक डॉक्टर होने के साथ 1999 में करगिल युद्ध के दौरान सैनिकों के परिवारों की छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करना हो या फिर शहीदों के शव घर पहुंचने पर उनकी पत्नियों को हिम्मत बंधाना, रंजना कभी पीछे नहीं हटीं।
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संपर्क टूटने पर सेना आगे नहीं बढ़ी तो लगाई फटकार
कारगिल युद्ध के दौरान की एक घटना का जिक्र कर उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा आया कि हेड क्वार्टर से सेना का संपर्क बिल्कुल ही टूट गया। जवान बीच में खड़े रहे। अब क्या करें आगे बढ़ें या पीछे। कुछ तय नहीं कर पा रहे थे। उस समय सेना के जवानों से लेकर अपने जूनियर अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उसके बाद जवानों ने पीछे मुड़कर नहीं देखा, पाकिस्तानी ठिकानों को तबाह कर आगे बढ़ते चले गए। बस एलओसी क्रॉस करने की इजाजत नहीं थी। इनमें कई घायल भी हुए और कितनों ने अपनी जान गंवाईं। उस समय भी मेरी पत्नी घबराए बिना ही सैनिकों के परिवारों के साथ ढाल बनकर खड़ी रहीं। इतना ही नहीं शहीदों की पत्नियां सेना में अधिकारी बने, उन्हीं की कोशिशों का नतीजा है। उन्होंने बताया कि वीर नारी को पहले सेना में वॉर विडोज कहा जाता था, रंजना मलिक ने ही उन्हें वीर नारी कहने की परंपरा शुरू की।

एकजुटता हमारे देश की बड़ी ताकत
जनरल वीपी मलिक ने बताया कि हर देश तरक्की करना चाहता है। हम भी चाहते हैं, ताकि देशवासियों का रहन-सहन अच्छा हो सके। इसमें देश की बाहरी और अंदरुनी संगठनों से खतरा बना हुआ है। बाहरी देश की बात करें तो चीन और पाकिस्तान शीर्ष पर हैं। जो दूसरे देशों की मदद से भारत पर दबाव डालने की कोशिश करते हैं। वहीं अंदरुनी खतरों की बात करें तो हमारे देश में कुछ संगठन हैं जो धर्म के नाम पर देश को खोखला करना चाहते हैं। इसके लिए कई बार लड़ाई करनी पड़ती है। समाज को तोड़ना चाहते हैं। हमें उनसे बचना है। एकजुट ही हमारी ताकत है। तभी गणतंत्र को बचाने में योगदान दे पाएंगे।
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