मान के दाढ़ी वाले बयान में शिअद भी हुआ मुखर
सिखों की विशिष्ट पहचान के अपमान का लगाया आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के सीनियर नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा पंजाब विधानसभा में एक गुरुसिख की दाढ़ी का मजाक उड़ाना, खालसा पंथ की विलक्षण पहचान पर योजनाबद्ध हमला है। यह सिख समुदाय की अलग और विशिष्ट धार्मिक पहचान की बदनामी और अपमान की एक सोची समझी साजिश है, जिसका असली मकसद सिखों को उनकी अलग विशिष्ट पहचान के गौरव से वंचित करना है।
पार्टी मुख्यालय में शुक्रवार को बुलाई प्रेस कांफ्रेंस में मजीठिया ने उक्त मामले पर पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां के रवैये की भी निंदा की। उन्होंने कहा कि हैरानी की बात है कि संधवां खुद एक अमृतधारी सिख हैं और भगवंत मान द्वारा सिख धर्म की विरासत का मजाक उड़ाते देखकर उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंची। वह अपनी कुर्सी पर बैठे हंसते रहे।
मजीठिया ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने न तो हस्तक्षेप किया और न ही मुख्यमंत्री को अपनी टिप्पणी वापस लेने के लिए कहा। न ही माफी मांगने को कहा गया। यह भी बड़ी हैरानी की बात है कि स्पीकर ने मुख्यमंत्री की टिप्पणियों को विधानसभा के रिकाॅर्ड से हटाने का आदेश तक नहीं दिया बल्कि इसके विपरीत इतिहास के रिकाॅर्ड में दर्ज करने की अनुमति दी। स्पीकर द्वारा मुख्यमंत्री की टिप्पणी को रिकाॅर्ड से न हटाकर यह साफ कर दिया है कि सिखों से उनकी विल्क्षण धार्मिक पहचान और गौरव छीनने की गहरी साजिश रची गई है।
मजीठिया ने आम आदमी पार्टी (आप) समेत सिख विधायकों और सिख समुदाय से अपील की है कि वे देर होने से पहले समुदाय के खिलाफ रची जा रही साजिश के खिलाफ सतर्क हो जाएं। उन्होंने कहा, ‘आप हमारे बारे में चाहे जो भी सोचो, हम भूले हुए लोग हैं, लेकिन वाहेगुरु के लिए हमारे खिलाफ अपनी नफरत को हमारे धर्म पर हमले का सबब न बनने दें।