पंचकूला। जिले में 21 नए मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इनमें सेक्टर-4, 11, 19, 20, 21, 25, 26 के अलावा इंदिरा कॉलोनी, देवी नगर, इंदिरा कॉलोनी, रामगढ़, बीड़ घग्गर के मरीज शामिल हैं। इन जगहों पर स्वास्थ्य विभाग की मलेरिया विंग ने एंटी लारवा का छिड़काव करवा दिया है। इसी के साथ जिले में डेंगू का आंकड़ा 540 पहुंच गया है। जहां से मच्छर जनित बीमारियों के मामले ज्यादा आ रहे हैं, वहां स्वास्थ्य विभाग की टीम की तरफ से सर्वे भी करवाया जा रहा है।
सेक्टर-20 के पांच सोसाइटियों में फॉगिंग ही नहीं करवाई
सेक्टर-20 आरडब्लूए के वाइस प्रेसीडेंट योगेंद्र कवात्रा ने बताया कि हमारा सेक्टर बड़ा है। यहां हर दूसरे दिन फॉगिंग होनी चाहिए। सोसाइटी नंबर-39, 40, 41, 42, 43 में आजतक फॉगिंग ही नहीं हुई। ऐसी स्थिति में डेंगू के मामले बढ़ेंगे ही। वहीं पंचकूला नगर निगम ने तो लापरवाही की हद कर दी है, उन्होंने बताया कि सोसाइटी नंबर-38 के पीछे करीब 27.50 एकड़ में बाग है, जहां दो साल से बरसाती पानी भरा है। उन्होंने बताया कि बुधवार को नगर निगम के कर्मचारियों ने पार्क का पानी पंप लगाकर सड़क पर छोड़ा। जब स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू किया तो निगम के कर्मचारी मौके से भाग खड़े हुए। उन्होंने बताया कि पार्क का पानी बरसाती नाले में छोड़ने की मांग की जा रही थी, निगम के कर्मचारियों ने पानी सड़क पर छोड़ दिया। इससे डेंगू के लारवा सेक्टर में फैल गए हैैं। इससे मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
घरों में नहीं हवा में निगम करवा रहा फॉगिंग
सिटीजंस वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान एसके नैय्यर ने बताया कि पंचकूला में नगर निगम हवा में फॉगिंग करवा रहा है। फॉगिंग खुले में करवाने का कोई मतलब नहीं है, धुआं घरों के अंदर ना जाए, ऐसे फॉगिंग का क्या फायदा। वहीं नगर निगम की ओर से जिस सेक्टर में फॉगिंग करवाई जानी है, बाकायदा निगम की तरफ से फॉगिंग का शेड्यूल न्यूज पेपर के माध्यम से लोगों को बताया जाना चाहिए, ताकि कोई विसंगति हो तो उसे समय रहते दूर किया जा सके। नगर निगम की तरफ से ऐसा नहीं किया जाता है।