रोष व्यक्त करते हंडिया मोहल्ले के लोग।
- फोटो : PKL OFFICE
कालका। हंडिया मोहल्ले में बने पुल को चौड़ा करने की मांग करते हुए स्थानीय लोगों ने सितारचंद वाल्मीकि की अगुवाई में सोमवार को नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। लोगों का कहना था कि आबादी बढ़ने के साथ ही पुल छोटा पड़ने लगा है। इस बारे में अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। पुल संकरा होने के कारण लोगोें को आवागमन में परेशानी होती है। सितारचंद, राम आसरा, अविनाश, आदेश टांक, रामकुमार, बंटी सोनकर, कुसुमलता, लक्ष्मी देवी सहित अन्य ने बताया कि वर्ष 1994-95 में कांग्रेस के कार्यकाल में इस पुल का निर्माण हुआ था। इसमें टिपरा, भैरो की सैर के निवासियों, स्कूल और राहगीरों को फायदा हुआ था। पुल की वर्तमान में लंबाई 45 फुट है, जबकि चौड़ाई करीब तीन फुट के आसपास है। पहले हंडिया मोहल्ला की आबादी कम थी तो लोहे के पुल से रास्ता था। अब आबादी बढ़ गई है, तो रास्ता भी छोटा हो गया है। इस कारण अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
पुल की चौड़ाई कम है। अब पुल को चौड़ा किया जाना चाहिए। वैसे भी पुल की हालत खस्ता है। पुल चौड़ा करने को लेकर लंबे समय से सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाकर थक चुके हैं लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नही मिल रहा है। पुल डिजाइन के लिए भेजा हुआ है, तीन वर्षों में पुल का डिजाइन ही फाइनल नही हुआ है। पहले डिजाइन मुरथल भेजा था अब जानकारी मिली है कि डिजायन कहीं और भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुल चौड़ा न होने को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। नाराज लोगों का कहना है कि जल्द स्थानीय निवासी भूख हड़ताल पर बैठेंगे, इसके लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा। इस संबंध में अधिकारियों को दोबारा ज्ञापन सौंपा जाएगा।
कोट
पुल को दोबारा से डिजाइन करवाया जा रहा है। करीब 15 दिन पहले उन्होंने स्वयं पुल का मुआयना किया था। हमारे पास कोई रेगुलर कंसलटेंट नहीं है। पुल संकरा है वर्किंग स्पेस भी नहीं है इसलिए इसमें जल्दबाजी नही की जा सकती। इसकी डिजाइनिंग करवाई जा रही है। बाद में इसका एस्टीमेट तैयार कर इसका अप्रूवल लेकर काम करवाया जाएगा। - हरीश कुमार, एक्सईएन, नगर परिषद