चंडीगढ़। हरियाणा सरकार खरीफ सीजन की फसल खरीद के लिए खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाएगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सोमवार को अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को फसल खरीद के दौरान किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए समुचित मंडी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ किसानों के लिए शेड्यूलिंग करने की भी व्यवस्था करें। वह यहां खरीफ सीजन 2021-22 के संबंध में समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसी व्यवस्था बनाएं, जिससे किसान अपनी सुविधानुसार तिथि का चयन कर मंडी में आ सकें। इसके साथ ही सुगम खरीद के लिए मंडी व्यवस्था को सुदृढ़ करने, आवश्यक हो तो खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाने, श्रमिकों की उपलब्धता व बारदाने की पर्याप्त संख्या सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि वर्तमान में धान के लिए 198 मंडियां, मूंग के लिए 23, मक्का के लिए 19 और मूंगफली के लिए 7 मंडियां हैं।
खरीफ सीजन 2020-21 के दौरान 56.54 लाख मीट्रिक टन धान, 1099.65 मीट्रिक टन मूंग, 4016.55 मीट्रिक टन मक्का और 650.36 मीट्रिक टन मूंगफली की खरीद की गई है। खरीफ सीजन 2021-2022 से केंद्रीय पूल खरीद के लिए राज्यों को कुछ मापदंडों का पालन करना है। तीन मापदंडों को भी जल्द लागू किया जाएगा।
पोर्टल पर 3,98,608 किसानों का पंजीकरण
मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि खरीफ सीजन 2021-22 के लिए मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल (एमएफएमबी) पर किसानों का पंजीकरण 10 जून, 2021 से शुरू कर दिया गया है। अब तक 3,98,608 किसानों ने पंजीकरण कराया है। डाटा का सत्यापन ई-गिरदावरी और अन्य माध्यमों से जल्दी शुरू किया जाएगा ताकि सत्यापन निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण हो जाए। गिरदावरी में सब्जियों सहित सभी फसलों एवं किस्मों को कवर करेंगे। खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने नैफेड को 16000 नई जूट की बेलों की आपूर्ति का ऑर्डर दिया है। राज्य खरीद एजेंसियों के लिए ओपन टेंडर के माध्यम से 50,000 बेल खरीदी जा रही हैं।