चंडीगढ़। पीजीआई के निदेशक प्रो. जगतराम रविवार को सेवानिवृत्त हो गए। उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र 42 वर्षों तक लगातार सेवाएं दीं और मरीजों का इलाज किया। इस दौरान प्रशासनिक पद पर रहते हुए जरूरी संसाधनों को पूरा करने का काम किया। चिकित्सा क्षेत्र के प्रति उनके समर्पण और बेहतरीन कार्य के लिए उन्हें देश के प्रतिष्ठित पुरस्कार पद्मश्री से भी नवाजा गया। उनकी सेवाओं को चिकित्सा जगत कभी नहीं भुला पाएगा।
प्रो. जगतराम ने हिमाचल प्रदेश के एक छोटे से गांव से अपना सफर शुरू किया और एक अंतरराष्ट्रीय नेत्र सर्जन बने। मार्च 2017 में भारत के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में से एक पीजीआई चंडीगढ़ के निदेशक बने। वह सितंबर 2018 से भारतीय चिकित्सा परिषद के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में थे और बाद में उन्हें राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के सदस्य के रूप में नियुक्त हुए।
एम्स रायबरेली, बठिंडा, बिलासपुर आदि के निदेशक पद का कार्यभार भी संभाला। उन्होंने पीजीआई चंडीगढ़ को एक नई ऊंचाई दी। देश के सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा संस्थानों में से पहले नंबर पर लाए। हालांकि एम्स दिल्ली का पहला स्थान है लेकिन पीजीआई में चंडीगढ़ पहले नंबर पर आता है।