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चंडीगढ़ में ये हाल: दुकानदारों ने स्मार्ट साइकिलों के स्टैंड पर तान दिए तंबू

Sun, 31 Oct 2021 10:30 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

स्मार्ट साइकिल स्टैंडों पर दुकानदारों ने तंबू जमा दिए हैं। यहीं पर दुकानदारों ने सामान बेचना शुरू कर दिया है। हर साल नगर निगम पर्ची काटकर दुकानदारों को सामान बेचने की अनुमति देता है। इसके बाद दुकानदारों ने अपनी दुकान सजा दी है।
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कृष्णा मार्केट के पास साइकिल स्टैंड पर लगी दुकान। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दीपावली को देखते हुए नगर निगम ने दुकानदारों को सामान बेचने की अनुमति क्या दी, उन्होंने स्मार्ट साइकिलों के लिए बनाए स्टैंड पर तंबू तान दिया। साइकिल खड़ी करने पहुुंचे लोग बोर्ड पर सामान टंगा देखकर हैरान रह गए। दीपावली पर नगर निगम हर साल दुकानदारों की पर्ची काटकर यह 7 दिन से लेकर 20 दिन तक स्टॉल लगाने की अनुमति देता है।

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सेक्टर 41 कृष्णा मार्केट और फिश मार्केट में लोगों ने साइकिल स्टैंड पर तंबू तानकर सामान बेचना शुरू कर दिया। वहां खड़ी साइकिलों को साइड में लगा दिया। कंपनी के अधिकारियों को संदेश मिला तो वह फौरन मौके पर पहुंचे। दुकानदारों ने उनसे गुजारिश की है कि दिवाली तक हमारे तंबू लगने दो इसके बाद साइकिलें खड़ी कर लेना।

पंचकूला-मोहाली ले गए साइकिल, 235 का पंजीकरण रद्द
इन स्मार्ट साइकिलों में जीपीएस की जो जियो टैगिंग की गई है, जो केवल चंडीगढ़ की सीमा तक है। कुछ लोग साइकिलें लेकर पंचकूला और मोहाली निकल गए। कंपनी के अधिकारियों को जैसे ही संदेश आया, उन्होंने व्यक्ति को फोन कर साइकिल लौटाने को कहा। जिन्होंने साइकिल लौटाई, उन्हें एक हजार रुपये जुर्माने के साथ छोड़ दिया गया, वहीं कुछ लोगों ने साइकिल लाने से मना कर दिया। कंपनी ने उनका पंजीकरण रद्द कर दिया है। ऐसे 235 उपभोक्ता हैं, जिनका पंजीकरण रद्द हो चुका है।
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लोगों को करेंगे जागरूक: आनिंदिता मित्रा
स्मार्ट सिटी परियोजना की सीईओ आनिंदिता मित्रा ने कहा कि पब्लिक बाइक शेयरिंग योजना के अंतर्गत चलने वाली साइकिलें सिर्फ चंडीगढ़ के लिए हैं। पंचकूला में भी लोग पब्लिक बाइक शेयरिंग योजना चल रही है। ऐसे में लोगों को असमंजस रहता है कि इन साइकिलों को वहां ले जा सकते हैं या नहीं। अब स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत लोगों को जागरूक भी करेंगे। इसके अलावा जहां टेंट लगे हैं, वहां भी एक बार दिखवा लिया जाएगा और उनसे टेंट हटाने का अनुरोध करेंगे। यह लोगों की परियोजना है। इसमें लोगों का सहयोग चाहिए। उन्हें समझना होगा कि लोगों की भागीदारी के बिना योजनाओं को सफल बनाना संभव नहीं है।

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