चंडीगढ़। सेंट्रल गुड्स एंड सर्विस टैक्स (सीजीएसटी) का नोटिस रद्द करने के एवज में रिश्वत की रकम लेते गिरफ्तार वकील सुनील अरोड़ा को शुक्रवार को सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी वकील को जेल भेज दिया। उधर, अभी तक सीजीएसटी के सहायक आयुक्त राजीव कुमार महेरवाल की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
सीबीआई ने वकील सुनील अरोड़ा और सीजीएसटी के सहायक आयुक्त के खिलाफ भ्रष्टाचार के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार वकील ने खुलासा किया था कि उसने यह रिश्वत सहायक आयुक्त के कहने पर ली है। वीरवार को आरोपी वकील की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने सहायक आयुक्त और उसके पंचकूला, दिल्ली और चंडीगढ़ के सभी ठिकानों पर दस्तावेजों को खंगाला। इसमें सीबीआई को कई अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं। सीबीआई को शिकायतकर्ता ने बताया था कि उसके फर्म को चंडीगढ़ के नगर निगम में पानी सप्लाई व साफ सफाई का ठेका मिला है। इस बीच सेक्टर-17 सीजीएसटी आफिस से फर्म को 11 लाख 44 हजार 898 रुपये का टैक्स नोटिस आ गया, जबकि उक्त कार्य के लिए भारत सरकार की अधिसूचना के अनुसार सेवा कर में छूट है। शिकायतकर्ता लाखों रुपये के नोटिस को लेकर सीजीएसटी के ऑफिस में गया। वहां पर उसे वकील सुनील अरोड़ा मिला। रुपये ज्यादा होने के चलते वकील ने लाखों रुपये का नोटिस खत्म करने के लिए एक लाख रुपये में मामला रफा-दफा करने की बात कही। इसके बाद 80 हजार रुपये में सौदा तय हुआ था। वीरवार को वकील रिश्वत के पैसे लेने पहुंचा तो सीबीआई ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।