चंडीगढ़। हरियाणा में पहली सितंबर से सेवा का अधिकार कानून में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। बुधवार से तय समयावधि में काम न होने पर स्वत: अपील प्रणाली शुरू हो जाएगी। अपने आप मामला उच्च अधिकारी के पास पहुंच जाएगा। इससे काम करने के लिए जिम्मेवार अफसर लोगों को घुमा नहीं सकेंगे।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मीट द प्रेस कार्यक्रम में कहा कि काम न करने वाले अफसरों पर और लगाम कसने जा रही है। छोटे-बड़े सभी काम समयानुसार करने होंगे। अफसर लापरवाही छोड़कर पूरे जिम्मेदारी के साथ अपना दायित्व निभाएं। सरकार ने 2500 दिनों में पेपरलेस, फेसलेस और पारदर्शी शासन सुनिश्चित करने के लिए भ्रष्टाचार रहित शासन देने का पूरा प्रयास किया है। रही-सही कसर अगले तीन साल में पूरा करेंगे। अगर भ्रष्टाचार के खात्मे में कोई कमी रह गई तो अगली सरकार के पांच साल में समूल नाश किया जाएगा।
भ्रष्टाचार पर नकेल और योग्यता पर सरकारी नौकरी देना सबसे बड़ी उपलब्धि
मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार पर नकेल कसना और योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां देना दो सबसे बड़ी उपलब्धियां हैं। हमने राइट टू करप्शन की जगह राइट टू सर्विस लागू किया है। 26 अक्टूबर 2014 को जब भाजपा सत्ता में आई थी, उस समय प्रदेश में भ्रष्टाचार और परिवारवाद व भाई-भतीजावाद का बोलबाला था और सरकारी संपत्ति की लूट होती थी। उस समय ऐसा लगता था कि भ्रष्टाचार का अधिकार है, जिसको हमने सेवा के अधिकार से बदलकर क्रांतिकारी सुधार किए हैं।