पिंजौर। मानसून से पहले प्रशासन की ओर से जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण कालका विधानसभा क्षेत्र में बारिश होने से कई स्थानों पर जलभराव हो गया। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यह बात कालका से कांग्रेस पार्टी के विधायक प्रदीप चौधरी ने एसडीएम और बीडीपीओ के साथ इस समस्या को लेकर बात करने के बाद कही।
उन्होंने कहा कि पिंजौर की विश्वकर्मा कॉलोनी में एंजेल पब्लिक स्कूल के नजदीक बने घरों में बारिश का पानी घुस गया। इसके अलावा अन्य गांव में भी कई जगह पर पानी घुसने की शिकायत आ रही है। विधायक ने कहा कि हर बार बरसात में गांवों और शहरों में जलभराव की समस्या होती है, इसका प्रमुख कारण है कि पानी की निकासी के लिए प्रयोग में लाए गए पाइप बहुत छोटे हैं, इसलिए जिम्मेदार अफसरों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। जलभराव से निपटने के इंतजाम के लिए समय रहते दिशानिर्देश जारी होने चाहिए थे। चौधरी ने कहा कि पानी की निकासी और सफाई न होने से लोगों में डेंगू, हैजा, चिकनगुनिया, टायफाइड, मलेरिया आदि कई प्रकार की बीमारियां फैलने का खतरा पैदा होगा। सरकार विकास के लिए दावे तो बहुत करती है, लेकिन विकास के नाम पर मात्र दिखावा ही रह गया है।
शहर की सफाई, बिजली, पानी, रोड पर लगने वाला जाम लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। प्रदीप चौधरी ने कहा कि शासन प्रशासन को चाहिए था कि बारिश के मौसम में जहां पहले भी जलभराव की दिक्कत आती है वहां पहले से ही नालियों, नालों आदि की साफ सफाई की व्यवस्था पर ध्यान देता, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। विधायक प्रदीप चौधरी ने मोरनी के गांव थाना के पास हुई लैंड स्लाइडिंग को लेकर कहा कि जिस प्रकार से ठेकेदार पहाड़ों को जरूरत से ज्यादा तोड़ रहे हैं, इस कारण इस प्रकार के प्राकृतिक नुकसान झेलने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की मिलीभगत से यह सब काम चल रहा है।