चंडीगढ़। हरियाणा पुलिस में अब डीएसपी के 70 फीसदी पद निरीक्षकों को पदोन्नत कर भरे जाएंगे। 5 प्रतिशत पदों पर आउट ऑफ टर्न पदोन्नति होगी। 25 प्रतिशत पदों पर ही सीधी भर्ती की जाएगी। प्रदेश सरकार ने डीएसपी भर्ती संबंधी सेवा नियमों में संशोधन कर यह नई व्यवस्था लागू की है। गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा की ओर से 8 अक्तूबर 2021 को देर रात इसकी अधिसूचना जारी की गई। अभी तक 50 प्रतिशत पद सीधी भर्ती और 50 प्रतिशत पदोन्नति से भरने का प्रावधान था। हरियाणा पुलिस सेवा नियमावली, 2002 में संशोधन कर डीएसपी की भर्ती संबंधी नियमों में अहम बदलाव किए गए हैं। नियमावली के नियम 6 (1 ) को संशोधित करने से नए प्रावधान अस्तित्व में आए हैं। सामान्य पदोन्नति के लिए केवल वही पुलिस निरीक्षक योग्य होंगे, जो अधीनस्थ रैंक से पदोन्नत या सीधी भर्ती से नियुक्त हुए हों। इनकी न्यूनतम 6 वर्ष की नियमित सेवा संतोषजनक होना जरूरी है।
इसमें एडहॉक (तदर्थ) सेवा की गणना नहीं की जाएगी। डीएसपी पद पर आउट ऑफ टर्न प्रमोशन के लिए वे निरीक्षक योग्य होंगे, जिन्होंने व्यक्तिगत कार्यों या टीम के सामूहिक प्रयासों से सरकारी कार्यों के निर्वहन के दौरान असाधारण वीरता और अदम्य साहस आदि का प्रदर्शन किया हो। आउट ऑफ टर्न प्रमोशन कोटे में पद खाली होने पर ही डीएसपी बन सकेंगे। अधिसूचना के अनुसार पांच प्रतिशत कोटे का लाभ देने के लिए पुलिस महानिदेशक और प्रदेश के गृह सचिव दोनों के स्तर पर अलग-अलग छंटनी और चयन समितियां गठित होंगी। शुरू में 20 दिसंबर 2019 से पहले के तीन वर्ष के मामलों पर विचार कर दोनों समितियां सरकार को सिफारिश भेजेंगी। बैकलॉग खत्म होने पर आउट ऑफ टन पदोन्नति का लाभ वार्षिक आधार पर मिलेगा। बशर्तें, पद खाली हों। मार्च महीने में पुलिस की सभी इकाईयों से योग्य पुलिस निरीक्षकों के नाम मांगे जाएंगे। सरकार को सिफारिश भेजने और नाम मांगने के बीच 15 दिन का अंतराल होना जरूरी है।
ढाई वर्ष पूर्व यह किया था नियमों में संशोधन
एडवोकेट हेमंत कुमार ने बताया कि ढाई वर्ष पूर्व 20 फरवरी 2019 को हरियाणा पुलिस सेवा नियमावली, 2002 के नियम 7 में संशोधन किया गया था। उसके अनुसार डीएसपी के रूप में 10 वर्ष की नियमित सेवा वाले पुलिस अधिकारी उसी वेतनमान में पुलिस अपर अधीक्षक (एडिशनल एसपी) के तौर पर पदांकित किए जा रहे हैं।