होडल। उपमंडल में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में डेंगू व बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ता ही जा रहा है। बृहस्पतिवार शाम कस्बा हसनपुर के गांव जटौली में डेंगू से 16 वर्षीय किशोर और पलवल के गांव कुसलीपुर में 65 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। हथीन के समीपवर्ती गांव मठेपुर में 34 वर्षीया एक महिला की बुखार के चलते मौत हो गई। वहीं निजी अस्पतालों में बुखार से ग्रस्त सैकड़ों मरीज भर्ती हैं।
बच्चों की मौत ने स्वास्थ्य विभाग को ग्रामीणों के निशाने पर ला खड़ा किया है। क्षेत्र के गांव बंचारी, सौंदहद के अलावा अधिकतर गांवों में बेरहम बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। कस्बा हसनपुर के गांव जटौली निवासी भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता जति चौहान के इकलौते पुत्र हिमांशु को दो तीन दिन पहले बुखार आया था। उसे इलाज के लिए निजी अस्पतालों में ले जाया गया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नही आया तथा बृहस्पतिवार की देर सांय 16 वर्षीय हिमांशु की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन उसे फरीदाबाद ले गए जहां किशोर की मौत हो गई। पलवल के गांव कुसलीपुर में भी डेंगू से 65 वर्षीय दयाचंद की मौत हो गई। उन्हें तीन दिन पहले बुखार आया था। गांव कुसलीपुर में आज भी 100 से ज्यादा बुखार से ग्रस्त मरीज हैं। हथीन के समीपवर्ती गांव मठेपुर के समाजसेवी दीन मोहम्मद ने बताया कि जकरिया की 34 वर्षीया पत्नी सहरूनी की मौत हो गई है। उनको कई दिनों से बुखार था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव छांयसा में स्वास्थ्य शिविर लगाया, इसमें पांच बुखार के मरीज मिले। प्रवर चिकित्सा अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि मौत की जो सूचना मठेपुर की मिली है, उसकी जांच रिपोर्ट मांगी गई है। प्रवर चिकित्सा अधिकारी विजय कुमार ने उटावड में कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर्स की बैठक बुलाई। जिसमें बुखार के रोगियों की अधिकाधिक जांच करने एवं उनको समुचित इलाज उपलब्ध कराने की नीति बनाई गई।
स्वास्थ्य शिविर व फागिंग तक सीमित
लगातार हो रही मौतों पर कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व विधायक उदयभान का कहना है कि पूरे क्षेत्र में बुखार और डेंगू के प्रकोप से लोगों में हाहाकार मचा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग अधिकारी सिर्फ उद्घाटन तक ही सीमित है, विभाग के पास न दवाई न ही रोग विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध है, विभाग द्वारा एक दो गांवों में फागिंग करवाई है बाकी सब कुछ ऐसा ही पड़ा है। उन्होंने सरकार से मांग की जल्द से जल्द क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था उपलब्ध करवाई जाए नहीं तो जन आंदोलन चलाया जाएगा।े