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सब्जियों के दाम बढ़ने से महिलाओं को घर चलाना हो रहा मुश्किल

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होडल। क्षेत्र में सब्जियों के दाम अचानक बढ़ने से रसोई का बजट बिगड़ता जा रहा है। सब्जियों के दाम बढ़ने से गृहणियों के लिए घर चलाना अब और भी मुश्किल हो गया है। आलू, प्याज, टमाटर, भिंडी, नींबू, प्याज आदि के दाम में अचानक भारी बढ़ोत्तरी हुई है। हरी मटर 80 से 100 रुपये किलो तक पहुंच गई है। प्याज 50 रुपये किलो फूल गोभी 80 रुपये, गाजर 70 रुपये, अदरक 120 रुपये, नींबू 60 रुपये, हरी मिर्च 70 रुपये के भाव में बेची जा रही है। सब्जियों के रेट बढ़ने से और मध्यमवर्गीय परिवारों की मुसीबतें बढ़ती नजर आ रही हैं। गृहणियों का कहना है कि सब्जियां महंगी होने ेस जो सब्जी पहले किलो में लाते थे उसे अब वह पाइया या आधा किलो ही खरीद रहे हैं।
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सब्जी का रेट
आलू 15 रुपये किलो, प्याज 50 रुपये किलो, टमाटर 40 रुपये, मटर 90 रुपये, फूल गोभी 80 रुपये, गाजर 70 रुपये, अदरक 120 रुपये, नींबू 70 रुपये, हरी मिर्च 60 रुपये, अरुई 40 रुपये, भिंडी 60 रुपये, टिंडा 70 रुपये, बंद गोभी 40 रुपये, खीरा 40 रुपये, मूली 30 रुपये, हरा कद्दू 40 रुपये, बैगन 40 रुपये, लहसुन 130 रुपये प्रति किलोग्राम के रेट से बिका।
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फलों की कीमत
सेब कश्मीरी 100 रुपये किलो, सेब किन्नौर 120 रुपये किलो, सेब विदेश 220 रुपये किलो, मौसमी 60, अनार 130, आम चौसा 80, पपीता 60 रुपये किलो, केला 35 रुपये दर्जन के भाव से बिक रहा है।
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पैदावार अधिक है तो क्यों बढ़ रहे हैं सब्जियों के दाम
महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है, सब्जियों के रेट बढ़ गए हैं। समझ नहीं आता कि सब्जियों की जब अधिक पैदावार हो रही है तो रेट क्यों बढ़ते जा रहें हैं। - रश्मि गर्ग, गृहणी।
घर चलाना चुनौती से कम नहीं
बढ़ते सब्जियों के दाम से अब घर चलाना किसी चुनौती से कम नहीं है। पहले एक किलो भिंडी आती थी और अब आधा किलो में काम चलाना पड़ रहा है।
-राजेश, गृहणी।
बिगड़ गया महीने भर का बजट
हरी सब्जियों के रेट इतने बढ़ गए हैं कि महीने भर का सारा बजट बिगड़ गया। पहले सब्जियां भरपूर खाते थे। अब सब्जियों खरीदने से पहले सोचना पड़ता है। -वैजंती माला, गृहणी।
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