नारनौल। गांव सेका के ग्रामीणों गांव से भारी वाहनों द्वारा आवागमन करने की समस्या को लेकर रविवार करीब दो बजे गांव के बस स्टैंड पर जाम लगा दिया। जाम के चलते सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतारें लग गई। जाम की सूचना पाकर सदर थाना प्रभारी धर्मबीर सिंह मौके पर पहुंचे।
उन्होंने ग्रामीणों को समझाया कि वाहनों पर रोक लगाना बिना कोई आदेश के संभव नहीं है। इसलिए वे इस समस्या को लेकर जिला उपायुक्त से मिले। प्रशासन की तरफ से उन्हें कोई आदेश मिलता है तो वे गांव से गुजरने वाले भारी वाहनों पर रोक लगाएंगे। इसके बाद ग्रामीणों ने करीब साढ़े तीन बजे जाम खोल दिया।
जाम लगा रहे ग्रामीणों ने बताया कि धोलेड़ा क्रशर जोन से प्रतिदिन सैकड़ों भारी वाहन पत्थर, रोड़ी, डस्ट आदि भरकर चलते हैं। शहर में दिन के समय नो इंट्री होने के कारण ये गांवों से लिंक रास्तों से होकर गुजरते हैं। ये वाहन धोलेड़ा से मांदी बाईपास से मंढाना पहुंचते हैं और मंढाना से सेका, कादीपुरी होते हुए नीरपुर के पास नारनौल-रेवाड़ी मुख्य सड़क पर आकर चढ़ जाते हैं। गांव से गुजर रहा मार्ग सिंगल होने के कारण यहां से एक समय में एक ही बड़ा वाहन गुजर पाता है। ऐसे में अगर दोनों तरफ से बड़े वाहन आ जाते हैं तो परेशानी बन जाती है। इसके अलावा भारी वाहनों से हमेशा दुर्घटना होने का अंदेशा बना रहता है।
ग्रामीणों ने बताया कि गत दिनों ही एक डंपर ने बिजली के पोल तोड़ दिए थे। वहीं सड़क के साथ लगती एक दीवार को भी क्षतिग्रस्त कर दिया था। इसके अलावा इन वाहनों की चपेट में आने ग्रामीणों के कई पशुओं की भी मौत हो चुकी है। ऐसे में इन वाहनों पर रोक लगाना अत्यंत आवश्यक है।
दुर्घटना का बना रहता है अंदेशा
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की दोनों ओर अनेक मकान बने हुए हैं। इनमें रहने वाले लोगों को अपने बच्चे को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती है, क्योंकि बच्चे अक्सर खेल-खेल बाहर निकल जाते है। ऐसे में हमेशा दुर्घटना होने का अंदेशा बना रहता है। रात के समय तो अधिक भय रहता है। वहीं भारी वाहनों के कारण सड़क मार्ग भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। जगह-जगह गड्ढे बन गए है। जिनमें आए दिन कोई न कोई वाहन फंसकर खड़ा रहता है।
ग्रामीण उपायुक्त के समक्ष रखेंगे समस्या
जाम लगा रहे लोगों ने कहा कि वे गांव के अंदर से होकर गुजरने वाले भारी वाहनों पर रोक लगाने की मांग को लेकर सोमवार को उपायुक्त से मिलेंगे। उन्होंने बताया कि दो माह से यह समस्या अधिक हो गई है। अपनी और अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए ग्रामीणों को एकजुट होना होगा। ऐसे में प्रशासन द्वारा अगर समय रहते गांव से गुजरने वाले इन वाहनों पर रोक नहीं लगाई तो उन्हें दोबारा से कोई सख्त कदम उठाना पड़ेेगा।
वर्जन
गांव के अंदर से भारी वाहनों के गुजरने पर रोक लगाने की मांग को लेकर गांव सेका के ग्रामीणों द्वारा सेका के बस स्टैंड पर जाम लगाने की सूचना मिली। इसके बाद वे मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाया कि इस प्रकार वाहनों पर रोक नहीं लगाई जा सकती। इस समस्या के समाधान के लिए वे उपायुक्त से मिले। जिसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया।
- धर्मबीर सिंह, प्रभारी सदर थाना नारनौल।