शहीद रामपाल तंवर का फाइल फोटो।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के गांव चितलांग निवासी सेना के जवान रामपाल तंवर की 20 जनवरी को ड्यूटी के दौरान हृदय गति रुकने से शहीद हो गए। शहीद रामपाल सिंह 18 राष्ट्रीय राइफल कुपवाड़ा श्रीनगर में बतौर हवलदार तैनात थे। उनका पार्थिव शरीर शनिवार को गांव पहुंचेगा। शनिवार को सैनिक सम्मान के साथ शहीद को अंतिम विदाई दी जाएगी।
रामपाल सिंह का जन्म 8 अक्तूबर 1985 को हुआ। 2002 वर्ष में आर्मी में भर्ती हुआ। शहीद रामपाल के परिवार में इनके पिता बहादुर सिंह व बड़े भाई सूबेदार रमेश सिंह भी भारतीय सेना में रहकर देशसेवा कर चुके हैं। परिवार की तीन तीन पीढ़ियां देशसेवा के लिए सेवाएं देती रही हैं।
शहीद रामपाल सिंह की शादी 17 फरवरी 2006 जिला चरखी दादरी के एक गांव में सुनीता देवी के साथ हुई। वे अपने पीछे दो पुत्र व एक पुत्री को छोड़कर गए हैं। 20 जनवरी को कुपवाड़ा श्रीनगर में ड्यूटी देते उनको हृदयघात हुआ था। उनका पार्थिव शरीर शनिवार को उनके गांव चितलांग लाया जाएगा। सैन्य बल के साथ उनको अंतिम विदाई दी जाएगी।