क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से रुक रुककर हो रही बारिश जहां किसानों के लिए राहत लेकर आई है वहीं शहरवासियों के लिए आफत बनी हुई है। महेंद्रगढ़ में हुई 27.8 एमएम बारिश के बाद शहर में जगह-जगह पानी जमा होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं फसलों में पिछले तीन दिनों से हुई यह रिमझिम बारिश किसी वरदान से कम नहीं है। कृषि विशेष एवं किसान भी इस समय हुई बारिश को फसलों के लिए अमृत समान मान रहे हैं। इस समय जिला में 3 लाख 65 हजार 200 एकड़ में विभिन्न फसलें खड़ी हैं। प्रमुुख फसल सरसों 2 लाख 70 हजार एकड़, 75 हजार एकड़ में गेहूं, 12 हजार एकड़ में चना, 1500 एकड़ में फल व सब्जियां, 700 एकड़ में जौ, 4300 एकड़ में पशु चारा तथा 700 एकड़ में मटर की फसल खड़ी है।
यहां हुई सबसे अधिक परेशानी
शहर के स्टेट हाईवे से लेकर मुख्य बाजारों में बारिश का पानी जमा होने से लोग दिनभर परेशान रहे। स्टेट हाईवे पर बने गहरे गड्ढों में पानी जमा होने से वाहन चालकों को खासी परेशानी हुई। विश्वकर्मा चौक, पुराना बस स्टैंड मार्ग, स्टेट हाईवे, ब्रह्मचारी मार्ग, ऑटो मार्केट, सिनेमा मार्ग, गोशाला मार्ग, अनाज मंडी, शॉपिंग कांपलेक्स, आईटीआई मार्ग, अग्रसेन चौक, मोहल्ला महायचान, अनाज मंडी से रेलवे मार्ग सहित अनेक स्थानों पर जलभरा से दिनभर लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
तीन दिन में कहां हुई कितनी बारिश
स्थान 5 जनवरी 6 जनवरी 8 जनवरी सुबह तक
महेंद्रगढ़ 3.1 8.7 27.8 एमएम
नारनौल 2.0 6.0 44.0 एमएम
कनीना 0.0 2.0 15.0 एमएम
अटेली 0.0 7.0 26.0 एमएम
नांगल चौधरी 3.0 2.0 12.0 एमएम
पिछले तीन दिनों से हो रही रिमझिम बारिश फसलों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। सरसों की फसल में इस समय फूल व फलियां आनी शुरू हो रही हैं। बारिश से और अधिक बढ़ोतरी होगी जिससे उत्पादन में भी वृद्धि होगी। गेहूं में इस समय सिंचाई चल रही थी। किसानों के लिए इस समय हुई बारिश हर दृष्टि से अव्वल है। इसका प्रत्येक फसल को लाभ मिलेगा।
-डॉ. रमेश कुमार, संयोजक, केवीके, महेंद्रगढ़।