क्षेत्रवासियों को जल्द ही प्रदूषण राहत मिलेगी। क्षेत्र में 20 नवंबर को बारिश आने की संभावना बन रही है। बारिश होने पर वायु सूचकांक स्तर में सुधार होगा। 18 नवंबर को पश्चिमी विक्षोभ मौसमी प्रणाली और अरब सागर में बने लो प्रेशर एरिया की वजह से सीमित इलाकों में बारिश का दौर सक्रिय रहेगा। इस प्रणाली से 18 तारीख को ही पूरे इलाके पर बादल अपना डेरा जमा लेंगे। इस मौसमी प्रणाली से राजस्थान का इलाका ज्यादा प्रभावित रहेगा।
डॉ. चंद्रमोहन नोडल अधिकारी पर्यावरण क्लब राजकीय महाविद्यालय नारनौल ने बताया कि काफी दिनों से उत्तर व मध्य भारत विशेषकर हरियाणा राजस्थान एनसीआर दिल्ली मे मौसम शांत बना हुआ है। बिना किसी मौसमी हलचल के होने से न्यूनतम व अधिकतम तापमान में गिरावट रोज देखी जा रही है लेकिन जल्द ही मौसम में बदलाव आने वाला है। आगामी बरसात का यह दौर उत्तर भारत पर 18 नवंबर को आ रहे पश्चिमी विक्षोभ और मध्य-पूर्वी अरब सागर में मौजूद लो प्रेशर एरिया के मिलने के कारण होगा। दक्षिणी हरियाणा विशेषकर जिला महेंद्रगढ़ के कुछ भागों में , रेवाड़ी, सोहना तावडू और एनसीआर का कुछ क्षेत्र पर यह प्रणाली प्रभाव डालेगी, जिससे कारण से 20 नवंबर को हल्की सामान्य वर्षा होने की पूरी संभावनाएं बन रही है। इस बारिश का सबसे अधिक फायदा किसानों को मिलेगा मौजूदा फसलों के लिए यह बारिश सोना साबित होगी। दूसरी राहत की बात यह है कि आमजन के लिए है कि यह बारिश वर्तमान में बढ़े हुए प्रदूषण में गिरावट भी लाएगी। जिससे इस एरिया का वायु गुणवत्ता सूचकांक सामान्य हो जाएगा।