नारनौल। शहर में सीवर लाइन दबाने के लिए पुलिस लाइन से किला रोड तक उखाड़ी सड़क के निर्माण में देरी व शहर की सड़कों की खस्ताहाल को लेकर 17 सितंबर को 3.30 बजे पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस नारनौल में मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति सतीश कुमार मित्तल प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक ली। इसमें आम नागरिकों की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश महता आयोग के सामने पक्ष रखेंगे।
जिला न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश मेहता ने बताया कि पिछले कुछ समय से नारनौल में सीवर लाइन दबाने के लिए उखाड़ी गई सड़क की मरम्मत में हुई देरी, सड़कों की बदहाल व्यवस्था व दुर्दशा से आम नागरिकों का जीना मुश्किल हो गया। शहर के अंदर सड़कों के रास्तों पर लोगों का पैदल, दोपहिया वाहन व चौपहिया वाहन से चलना दुर्भर हो गया। पूरे शहर की सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं और काफी जगह सीवर लाइन के मेन हॉल टूटे हुए हैं।
पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण जगह-जगह नालियों का गंदा पानी सड़कों पर एकत्रित हो रहा है। इस सारी स्थिति को देखते हुए हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने इस पर स्वयं संज्ञान लिया है। इस संबंध में आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति सतीश कुमार मित्तल व उनके साथी सदस्यों द्वारा 13 सितंबर को आदेश पारित किया गया है। इसके माध्यम से आम नागरिकों को हो रही परेशानियों व समस्याओं के निराकरण के लिए 17 सितंबर को दोपहर 3:30 बजे पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस नारनौल में आयोग के अध्यक्ष प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक लेंगे। आयोग के आदेश अनुसार इस बैठक में आम नागरिकों की तरफ से पक्ष रखने के लिए और मानवाधिकारों की सुरक्षा के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश मेहता को प्रतिनिधि के रूप में आयोग द्वारा नियुक्त किया गया है। मेहता ने आमजन से अपील की है कि वह अपने क्षेत्र की सड़क, सीवर व पानी से संबंधित समस्या के विषय में कोई भी लिखित प्रतिवेदन या मौके की स्थिति की फोटो उन्हें व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर या उनके व्हाट्सएप के माध्यम से भेज सकते है।