जिले में गेहूं की सरकारी खरीद शुक्रवार से शुुरू हो गई। लेकिन सरकारी खरीद के पहले दिन मंडी में एक भी किसान गेहूं लेकर नहीं पहुंचा। सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए किसानों का मेरी फसल मेरा ब्योरा पर पंजीकृत होना अनिवार्य है। सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 2015 निर्धारित किया है। क्षेत्र में अभी गेहूं की कटाई का कार्य सही तरीके से शुरू नहीं हुआ है। जिसके कारण मंडी में अभी गेहूं नहीं आया है। वहीं सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर सरसों की भी खरीद नहीं हुई है। सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य से अधिक भाव रहने से खरीद एजेंसी किसानों का एक भी दाना नहीं खरीद पा रही है। जिले में इस बार 70 से 75 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल खड़ी है। वहीं लगभग एक लाख 65 हजार हेक्टेयर में सरसों की बिजाई हुई थी। पिछले वर्ष से सरसों के भाव में तेजी आने से गेहूं की बिजाई कम हुई है। किसानों ने एक या दो हेक्टेयर में ही गेहूं की बिजाई की है। सरकार ने सरसों का समर्थन मूल्य 5050 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जबकि व्यापारी किसानों से 6800 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से किसानों से सरसों खरीद रहे हैं। जिसके चलते किसान सरकारी समर्थन मूल्य पर सरसों व गेहूं की फसल नहीं बेच रहे है।
मार्केट कमेटी सचिव नुकूल ने बताया कि सरकारी समर्थन मूल्य पर गेहूं व सरसों की खरीद सरकारी एजेंसी हैफेड व वेयर हाउस कर रही है। जिसको लेकर सभी तैयारियां कर रखी है। किसानों को अनाज बेचने के 72 घंटे बाद उनके खातों में रुपये डाल दिये जायेंगे। जिन किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर पंजीकरण करवा रखा है उन्हीं किसानों का समर्थन मूल्य पर गेहूं व सरसों खरीदी जायेगी। नारनौल में गेहूं व सरसों की सरकारी खरीद नांगल चौधरी रोड स्थित नई अनाज मंडी में की जायेगी।