नारनौल। कोरोना काल में माता-पिता को खोले वाले बच्चों का केंद्र सरकार सहारा बनी है। पीएम केयर फॉर चिल्ड्रेन स्कीम के तहत मिलने वाले लाभ से ऐसे बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बनेगा और वे शिक्षा के माध्यम से सशक्त बन सकेंगे। ये बातें राज्यमंत्री ओमप्रकाश यादव ने सचिवालय के सभागार में सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पीएम केयर चाइल्ड स्कीम की वर्चुअली बैठक के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहीं।
ओमप्रकाश यादव ने कहा कि ऐसे बच्चे जिन्होंने कोरोना काल में अपने माता-पिता को खोया है, प्रधानमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिलाया कि उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। अब ऐसे बच्चों के अभिभावक सरकार बनी है। इसी कड़ी में इन बच्चों को लाभ देते हुए आज प्रधानमंत्री ने पीएम केयर फार चिल्ड्रेन स्कीम के तहत मिलने वाले लाभ की किट भेंट की है और सभी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। राज्यमंत्री ओमप्रकाश यादव ने जिले के तीन लाभार्थियों को किट बांटे। इस किट में 10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता राशि की पास बुक है। यह राशि बच्चे के खाते में डाली गई है। कहा कि 23 साल की आयु पूरा होने पर लाभार्थी इस राशि को निकाल सकेगा। जब बच्चा 18 साल का हो जाएगा उसके बाद बच्चे को इस रकम का ब्याज 5500 रुपये प्रति माह उसे मिलेगा।
उन्होंने बताया कि जो बच्चा परिवार के साथ रह रहा है उसे प्रति मास 4 हजार रुपये दिए जाएंगे। साथ ही शिक्षा के लिए 20 हजार रुपये की छात्रवृति और तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के लिए 50 हजार रुपये की राशि छात्रवृत्ति दी जाएगी। यदि कोई बच्चा उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहता है तो उसे शिक्षा लोन दिलाया जाएगा। लोन का ब्याज सरकार वहन करेगी। बच्चों की यूनिफार्म, पाठ्य पुस्तकें सरकार मुहैया कराएगी।
सभी बच्चों को आयुष्मान कार्ड भी दिया है। इस कार्ड के तहत बच्चे 5 लाख रुपये तक का इलाज करवा सकेंगे। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी बच्चों से कहा है कि संवाद एप पर जाकर ज्ञान प्राप्त करें और मनोरंजन भी करें। उन्होंने बच्चों से कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ लेने में दिक्कत हो तो महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों से संपर्क करें। उन्होंने महिला एवं बाल विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि वह हर महीने बच्चों से संपर्क में रहे। इस अवसर पर नांगल चौधरी विधायक डॉ. अभय सिंह यादव, उपायुक्त डॉ. जेके आभीर, डीआईओ हरीश, जिला कार्यक्रम अधिकारी संगीता यादव, जिला बाल संरक्षण अधिकारी संदीप के अलावा अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।