प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) के गोल्डन कार्ड बनाने में जिला महेंद्रगढ़ भले ही प्रदेश में अव्वल बना हुआ है मगर कुल लाभार्थियों के हिसाब से जिला अभी भी लक्ष्य से पीछे चल रहा है। जिले में कुल 208158 लाभार्थी इस योजना के अंतर्गत आते हैं जिसके तहत 102679 लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं जबकि 105479 लाभार्थी ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक कार्ड नहीं बनवाए है। इस प्रकार जिले में 50 प्रतिशत लाभार्थियों के ही कार्ड बने है। वहीं आयुष्मान भारत योजना के तहत अभी तक 5847 मरीजों ने सरकारी व निजी अस्पतालों में अपना इलाज करवाया है। इलाज के एवज में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 7298160 रुपये सरकारी अस्पतालों तथा 39040907 रुपये का निजी अस्पतालों को भुगतान किया जा चुका है।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना गरीब लोगों के लिए एक वरदान साबित हो रही है। योजना में शामिल लाभार्थी 5 लाख रुपये का इलाज सरकार के पैनल अस्पतालों में निशुल्क करवा सकते हैं। इसके लिए सरकार ने सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों का पैनल बनाया है। जिनमें मरीज अपना इलाज करवा सकता है। जिले में 102679 लाभार्थियों ने गोल्डन कार्ड बनवाए है जबकि 105479 लाभार्थी अभी बचे हुए है जिनके कार्ड बनाए जाने है। इन लोगों के कार्ड बनाने के लिए विभाग द्वारा बार-बार जागरूक किया जा रहा है। इसके अलावा सीएससी सेंटरों पर भी गोल्डन कार्ड बनाने का कार्य किया जा रहा है। मगर ऐसे लोग आगे नहीं आ रहे है।
आयुष्मान भारत योजना के जिला सूचना प्रबंधक उमेश सैनी ने बताया कि जिले में 1 लाख 5479 लाभार्थी ऐसे बचे हुए है जिन्होंने अभी तक गोल्डन कार्ड नहीं बनवाया है। ग्रामीण क्षेत्र में 7537 तथा शहरी क्षेत्र में 2446 ऐसे परिवार है जिनमें किसी भी सदस्य ने गोल्डन कार्ड नहीं बनावाया है। ऐसे में लोगों की पहचान की गई है जिन्होंने अभी तक अपने कार्ड नहीं बनवाए है। यह डाटा सीएचसी सेंटरों को उपलब्ध करवाया गया है ताकि सेंटर संचालक ऐसे लोगों या उनके परिजनों से संपर्क गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए प्रेरित कर सके। इसके तहत विभाग द्वारा 15 सितंबर से 15 अक्तूबर तक आपके द्वार आयुष्मान 2.0 अभियान चलाया जाएगा।
जन आयोग्य योजना के तहत जिले में 5847 लोगों ने इलाज लिया है। इनमें 2199 मरीजों ने सरकारी अस्पतालों में इलाज लिया है। वहीं 3648 मरीजों ने प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करवाया है। इसके अलावा कोरोना की प्रथम लहर के दौरान 1084 मरीजों की सैंपल योजना के तहत लिए गए जबकि 56 लोगों ने इलाज करवाया। दूसरी लहर में 463 मरीजों के सैंपल लिए गए। वहीं 10 लोगों ने इलाज लिया। विभाग ने लाभार्थियों के इलाज के ऐवज में 7298160 रुपये सरकारी तथा 39040907 रुपये प्राइवेट अस्पतालों को क्लेम के रूप में भुगतान किया है।
आयुष्मान भारत योजना में जिले के 21 अस्पताल शामिल है। इनमें विजय अस्पताल नारनौल, संवेदना अस्पताल नारनौल, शांति अस्पताल नारनौल, सिंघला अस्पताल नारनौल, गेटवले अस्पताल नारनौल, हेमंत अस्पताल नारनौल, इमरान ईएनटी अस्पताल नारनौल, गोयल नेत्र चिकित्सालय नारनौल, गंगा देवी पांडे आंखों का अस्पताल महेंद्रगढ़, कृष्णा आंखों का अस्पताल नारनौल व महेंद्रगढ़ व बंसल आई केयर अस्पताल महेंद्रगढ़ शामिल है। इसके अलावा नागरिक अस्पताल नारनौल, उप नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ तथा जिले के सात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र योजना के पैनल अस्पतालों में शामिल है।
आयुष्मान भारत योजना के कार्ड बनाने में जिला महेंद्रगढ़ प्रदेश में अव्वल स्थान पर है। बचे हुए लाभार्थियों के कार्ड बनवाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। जिले के 12 प्राइवेट व 9 सरकारी अस्पतालों को योजना के तहत इलाज के लिए अधिकृत किया गया है। जिले में अभी तक 5847 लोगों ने निजी व सरकारी अस्पतालों में गंभीर बीमारियों का इलाज करवाया है। -डॉ. धर्मेश सैनी, जिला नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत योजना।