हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के कनीना उपमंडल के गांव अगिहार की अंबिका की कपूरथला में शनिवार को संदिग्ध परिस्थिति में मौत होने का मामला प्रकाश में आया है। सोमवार को अंबिका का अंतिम संस्कार पैतृक गांव अगिहार में ही किया गया। मृतका के परिजनों ने वरपक्ष के छह लोगों पर दहेज की मांग करने व बेटी की हत्या करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दी है। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
पिता मुकेश कुमार ने बताया कि बेटी की शादी गांव खुडाना बास निवासी योगेश के साथ 29 अप्रैल 2018 को हुई थी। लड़की आरपीएफ में कांस्टेबल के पद पर लखनऊ में तैनात थी। जबकि पति योगेश 58 आरमेड ब्रिगेड कपूरथला में है। अंबिका के 8 माह की बच्ची भी है। वह 12 महीने के मेटरनिटी अवकाश पर अपने पति के पास कपूरथला गई हुई थी। जहां संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी मौत हो गई। परिजनों ने वर पक्ष पर दहेज का आरोप लगाते हुए कहा कि शादी के दो दिन बाद ही दहेज को लेकर अंबिका के साथ मारपीट शुरू कर दी गई थी।
उन्होंने बताया कि 30 लाख रुपये की मांग की गई थी। शादी के बाद से ही पति व परिवार के सदस्य उसे दहेज के लिए परेशान करने लगे थे। जिनका दो-तीन बार समझौता भी करा चुके हैं। शादी के करीब दो वर्ष बाद उन्होंने अपनी बेटी को आरपीएफ में भर्ती करा दिया था। अंबिका के ससुराल के लोगों ने एक साजिश के तहत उसकी गला घोंटकर हत्या की है।
उन्होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ कोतवाली थाना कपूरथला में शिकायत दी गई है। परिजनों ने सरकार व प्रशासन से वर पक्ष के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पिता के बयान पर कपूरथला पुलिस कोतवाली थाना द्वारा चिकित्सकों के बोर्ड से पोस्टमार्टम करा पति योगेश, ससुर सोमवीर सिंह, सास संतोष, ननद सोनू व देवर श्यामसुंदर व बिचौलिए महेंद्र सिंह के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है।
ससुराल पक्ष से कोई नहीं पहुंचा शव लेने
मृतका के पिता का आरोप है कि बेटी के शव को लेने के लिए ससुराल पक्ष से कोई नहीं आया। इसलिए उन्होंने बेटी का गांव में ही अंतिम संस्कार किया है। दहेज लोभियों ने शादी के बाद से ही बेटी को दहेज के लिए मारपीट शुरू कर दी थी। उसकी मांग है कि बेटी को जल्द न्याय मिले तथा यह मामला स्थानीय पुलिस को सौंपा जाए। आरपीएफ अधिकारियों की कॉल आई थी। शाम चार बजे पहुंचने की बात कही गई थी उनसे बातचीत कर बेटी का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
बेटी ने फोन पर दी थी मारपीट की सूचना
अंबिका के पिता मुकेश ने बताया कि 19 मई को बेटी ने फोन के माध्यम से उन्हें सूचना दी थी कि उसके साथ मारपीट की जा रही है। सूचना के बाद बेटी को वहां से घर आने के लिए कहा था, लेकिन बेटी ने भी उसके पास पैसे नहीं होने की बात कही थी। इसके बाद उन्होंने फोन पे के माध्यम से बेटी को तीन हजार रुपये भेजे थे। इसके बाद लगातार प्रयास के बावजूद भी बेटी से संपर्क नहीं हो पाया। उन्हें संदेह है कि 20 मई को योगेश ने बेटी की हत्या कर दी। 21 मई को आरमेड के अधिकारी ने उन्हें फोन पर सूचना दी। सूचना के बाद परिवार सहित कपूरथल पहुंचे। 22 मई को सभी प्रकार की प्रक्रिया पूरी कराने के बाद चिकित्सकों के बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया। ससुराल पक्ष से कोई भी शव को लेने नहीं पहुंचा।