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दूसरे दिन भी बैंककर्मी हड़ताल पर रहे, एटीएम भी हुए खाली

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होंडा चौक पर एटीएम के बाहर खड़े लोग । संवाद - फोटो : Narnol
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यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण के विरोध में शुक्रवार को दूसरे दिन भी जिले के सभी सरकारी बैंकों के अधिकारी व कर्मचारी हड़ताल पर रहे। दो दिन की हड़ताल से 20 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित रहा। बैंकों की हड़ताल से एटीएम भी खाली हो गए। लोगों को नकदी निकाले के लिए एक एटीएम से दूसरे एटीएम पर भटकते नजर आए, पर उनको नकदी नहीं मिली। कैश नहीं मिलने की वजह से उनके जरूरी काम प्रभावित हुए।
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हड़ताल के दूसरे दिन बैंक कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। सुबह लगभग दस बजे बैंक कर्मचारी महेंद्रगढ़ रोड स्थित पीएनबी के बाहर एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में उन्होंने महावीर चौक तक एक रैली भी निकाली। इस दौरान कई संगठनों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उनका समर्थन किया। युनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के प्रधान ज्ञानचंद ने कहा कि केंद्र सरकार संसद के मौजूदा सत्र में बैंकिग कानून संशोधन विधेयक ला रही है, जिससे भविष्य में किसी भी सरकारी बैंक को निजी क्षेत्र में देने का रास्ता साफ हो जाएगा। सरकार देश में केवल पांच बैंकों को सरकारी बैंकों के रूप में रखेगी। शेष बैंकों का निजीकरण करेगी।
इस अवसर पर बीएसएनएल यूनियन प्रधान बीर सिंह यादव, एलआईसी यूनियन प्रधान अविनाश शर्मा,पीएनबी यूनियन प्रधान कर्ण सिंह, एसबीआई से राजेश के अलावा देवेंद्र कुमार, पवन कुमार, महेश यादव, अजय सैनी, धर्मेंद्र कुमार, गोरधन, राजेश, जयप्रकाश व पवन कुमार बैंक कर्मी मौजूद रहे ।
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हड़ताल से हुई परेशानी
गांव मूसनोता के राजेंद्र ने बताया की बैैंक में जरूरी काम करवाना था। लेकिन दो दिन की हड़ताल होने से परेशानी हुई है। चार दिन लगातार बैंक की छुट्टी होने से लोगों को भारी परेशानी होगी। सरकार को इस और ध्यान देने की जरूरत है। राजेंद्र
कोई सुनवाई करने वाला नहीं
दो दिन बैंक बंद होने से पेट्रोल पंप पर कैश होने के कारण परेशानी होगी, लेकिन कोई सुनवाई करने वाला नहीं है। बैंक कर्मियों की समस्या सरकार को हल करनी चाहिए, ताकि आमजन को परेशानियों का सामना न करना पड़े। हंसराज मुनीम
बैंककर्मियों की मांगों की तरफ ध्यान दे सरकार
दो दिन बैंक की हड़ताल के चलते एटीएम भी खाली हो गए। वही बैंक में जरूरी काम भी नहीं हो सके। सरकार को बैंककर्मियों की मांगों की तरफ ध्यान देना चाहिए, ताकि आमजन को परेशानी न हो। प्रवीण शर्मा
कोई सुनवाई नहीं हो रही
अनाज मंडी में लगाई गई एटीएम बंद होने के कारण सर्दी के मौसम में महावीर चौक पर एटीएम से पैसे निकालकर ले जा रहे हैं। एक हफ्ते में चार दिन बैंक बंद होने से लोगों को परेशानी हुई है। लेकिन कोई सुनवाई करने वाला नहीं है। रामकिशन सोकल।

सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते बैंककर्मी । संवाद- फोटो : Narnol

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