कुरुक्षेत्र/पिहोवा। दो साल बाद सरस्वती तीर्थ पिहोवा पर विश्व प्रसिद्ध चैत्र चौदस मेले का आयोजन होने जा रहा है। 30 मार्च से एक अप्रैल तक होने वाले इस तीन दिवसीय मेले में छह लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मेले के आयोजन को लेकर जिला प्रशासन पुख्ता तैयारियां करने का दम भर रहा है। वहीं मेले के संबंध में एक बैठक के अलावा प्रशासन ने कोई भी तैयारी शुरू नहीं की।
तीर्थ पर साफ सफाई, मरम्मत, पेंट, लाइटिंग, घाट में स्वच्छ जल की व्यवस्था का कार्य का अभी तक श्रीगणेश भी नहीं किया गया है। यहां तक कि लाइटिंग, साउंड, पार्किंग, मरम्मत और झूलों का टेंडर भी निकाला नहीं गया है। हैरानी की बात है कि तीर्थ में अब तक गंदा व दूषित पानी जमा है। इसे निकालने में दो से तीन दिन का समय लग सकता है। उसके बाद तीर्थ की सफाई का कार्य किया जाएगा। इसमें भी दो से तीन दिन का वक्त जाया होगा।
वहीं मुख्य तीर्थ के अलावा जनाना घाट की स्थिति बदहाल है। जनाना घाट में हर तरफ गंदगी पसरी हुई है। बिजली के पोल से तार बाहर निकले हैं। तीर्थ पर बने महिला स्नान घर की हालत बद से बदतर है। महिला स्नान घर बेसहारा पशुओं का अड्डा बने हैं। निर्माण के बाद से इनमें कभी सफाई नहीं हुई है। स्नान घर की छत पर लगी फाइबर सीट कई जगह से टूटी हुई है। कई जगह पर तो यह फाइबर सीट नीचे लटक रही है।इसके अलावा तीर्थ पर लगे कई पत्थर जमीन में धंस चुके हैं तो कई जगह पर टूटे हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि साल 2020 और 2021 में कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने चैत्र चौदस मेले पर पाबंदी लगा दी थी। हालांकि गत वर्ष श्रद्धालु गति, पिंडदान व तर्पण के लिए तीर्थ पर पहुंचे थे। तीर्थ पुरोहितों ने श्रद्धालुओं के लिए अपने स्तर पर व्यवस्था बनाई थी। अब दो साल के बाद प्रशासनिक स्तर पर मेले का आयोजन होगा। इसके लिए डीसी ने अधिकारियों व समाजसेवी संस्थाओं की बैठक भी ली। इस बैठक में डीसी ने सुझाव आमंत्रित करके अधिकारियों को व्यवस्था बनाने के आदेश दिए थे।
बगैर जल कैसे होगा स्नान और तर्पण : विनोद
तीर्थ पुरोहित विनोद पचौली ने बताया कि तीर्थ पर 28 मार्च (पापमोचनी एकादशी) से ही स्नान, पिंडदान, गति कर्म व तर्पण का कार्य शुरू हो जाएगा। एकादशी की पूर्व संध्या पर विशेषकर हिमाचल प्रदेश (पहाड़ी यजमान) से श्रद्धालु जुटना शुरू हो जाएंगे। पंजाब, यूपी, दिल्ली सहित देशभर से श्रद्धालु अपने पितरों की सद्गति के लिए सरस्वती तीर्थ पहुंचेंगे। एकादशी से पूर्व हिमाचल प्रदेश के श्रद्धालुओं के लिए तीर्थ में स्वच्छ जल की व्यवस्था नहीं हो सकेगी। हर बार प्रशासन की बदइंतजामी के कारण श्रद्धालुओं को बगैर स्नान के लौटना पड़ता है।
तीर्थ से निकाला जा रहा पानी : अंकुश पाराशर
नगर पालिका के सचिव अंकुश पाराशर ने बताया कि तीर्थ से गंदा पानी निकालने के लिए छोटे व बड़े चार इंजन लगा दिए गए हैं। साफ सफाई के बाद तीर्थ में स्वच्छ जल भरा जाएगा। 24 मार्च को मेले से संबंधित सभी टेंडर निकाले जाएंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुख्ता व्यवस्था बनाई जाएगी।